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खामेनेई के प्रतिनिधि इलाही का बड़ा दावा, बोले- नहीं झुकेगा ईरान, युद्ध को बताया आशीर्वाद, कैसे हैं भारत से रिश्‍ते?

Big Claim by Tehran's Representative Abdul Majid Hakim Elahi Regarding an Iran-US War
Big Claim by Abdul Majid Hakim Elahi : भारत में तेहरान के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने बड़ा दावा किया कि भारी नुकसान के बावजूद ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया। इलाही ने इस युद्ध को एक तरह का आशीर्वाद बताया। उन्‍होंने कहा, क्योंकि अरब देश भी इससे खुश हैं। उन्‍हें हर साल अमेरिका से हथियार खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था। भारत से रिश्‍तों को लेकर इलाही ने कहा, ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते अब और मजबूत होंगे। इलाही ने कहा, भारत एक महान देश है। हमारे संबंध 5000 साल पुराने हैं। हम शिक्षा, दर्शन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं।
 

क्योंकि युद्ध से खुश हैं अरब देश... 

भारत में तेहरान के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने बड़ा दावा किया कि भारी नुकसान के बावजूद ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया। इलाही ने कहा, ईरान ने मौजूदा स्थिति को 'न युद्ध, न शांति' बताते हुए संघर्ष के लिए अमेरिका-इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है। इलाही ने इस युद्ध को एक तरह का आशीर्वाद बताया। उन्‍होंने कहा, क्योंकि अरब देश भी इससे खुश हैं। उन्‍हें हर साल अमेरिका से हथियार खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था। हर साल उन्हें लगभग 500 बिलियन डॉलर खर्च करने पड़ते थे, सिर्फ हथियार खरीदने के लिए।

भारत से रिश्‍तों को लेकर क्‍या बोले इलाही?

इलाही ने कहा कि स्थिरता अब उन लोगों के हाथों में है जिन्होंने इस युद्ध की शुरुआत की है। भारत से रिश्‍तों को लेकर इलाही ने कहा, ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते अब और मजबूत होंगे। इलाही ने कहा, भारत एक महान देश है। हमारे संबंध 5000 साल पुराने हैं। हम शिक्षा, दर्शन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं।

हम बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन...

इलाही ने कहा कि ओमान और जिनेवा में बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन अचानक हुए हमलों ने शांति को अशांति में बदल दिया। इलाही ने दावा किया कि इस जंग में अब तक 4000 से अधिक लोगों की मौत और 40000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, कई मंत्रियों और कमांडरों की जान चली गई। इलाही ने कहा कि हम बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन झुकने को तैयार नहीं।
 
वे बिना शर्त आत्मसमर्पण चाहते थे, जिसे कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता। इलाही ने कहा कि मुझे लगता है कि यह युद्ध भी एक आशीर्वाद था। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि अरब देश भी इससे खुश हैं। उन्‍हें हर साल अमेरिका से हथियार खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था। हर साल उन्हें लगभग 500 बिलियन डॉलर खर्च करने पड़ते थे, सिर्फ हथियार खरीदने के लिए। फिर भी उन्हें इन हथियारों से कोई खास फायदा नहीं हुआ।

तुम एक हफ्ता भी नहीं टिक पाओगे... 

इलाही ने कहा कि मैं कुछ अरब देशों के राजाओं के नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन वे खुद कहते थे कि अमेरिका ने हमें ये सब हथियार भेजे। यहां तक कि उन्हें बहुत महंगे और खूबसूरत विमान भी अमेरिका को गिफ्ट के रूप में देने पड़े। इलाही ने कहा कि पहले अमेरिका हमेशा उन्हें यह कहता था कि अगर मैं न हूं, तो तुम एक हफ्ता भी नहीं टिक पाओगे। यह बात खुद अमेरिका के राष्ट्रपति ने कही थी। उनका लहजा काफी रुखा था।
Edited By : Chetan Gour
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