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ईरान के हमलों से 8 देशों में अमेरिका के 16 सैन्य ठिकाने क्षतिग्रस्त, बढ़ा तनाव; वार्ता पर भी अनिश्चितता

US Iran ceasefire and strait of hormuz
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। सीएनएन की जांच के अनुसार ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए हमलों में खाड़ी क्षेत्र के 8 देशों में स्थित अमेरिका के कम से कम 16 सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से कई अब उपयोग के लायक नहीं बचे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक हमलों में रडार और संचार प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इससे अमेरिका को भारी आर्थिक क्षति हुई है। इस संघर्ष की कुल लागत 25 अरब डॉलर से लेकर 40-50 अरब डॉलर तक आंकी जा रही है। इस घटनाक्रम से प्रभावित खाड़ी देशों ने निजी तौर पर अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और गठबंधन की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई है।
 
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालिया कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है, खासकर समुद्री मार्गों की पहुंच और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर मतभेद कायम हैं।

क्या ईरान बातचीत के लिए तैयार होगा 

ईरान कुछ शर्तों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हो सकता है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि यदि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाता है और इसके बदले ईरान होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल देता है, तो तनाव कम करने की दिशा में रास्ता निकल सकता है। 
 
अमेरिका का रुख इस मामले में सख्त बना हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को जलडमरूमध्य से सभी जहाजों की बिना शर्त आवाजाही की अनुमति देनी होगी। यही मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ईरान अब भी अमेरिका के इरादों को लेकर बेहद सतर्क और संदेहपूर्ण है। पाकिस्तान में हुई पिछली वार्ता से अमेरिका के हटने के कारण भी ईरान में अविश्वास बढ़ा है, जिससे दोबारा बातचीत शुरू करने की प्रक्रिया और जटिल हो गई है।  Edited by : Sudhir Sharma
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