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बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान: अमरनाथ यात्रा शुरू होने के सिर्फ 5 दिन में पिघला हिमलिंग, एक्सपर्ट्स ने बताई बड़ी वजह
अमरनाथ यात्रा का प्रतीक हिमलिंग इस बार यात्रा शुरू होने के 5 दिनों में ही पिघल गया। इस बार 5 दिनों में ही सरकारी तौर पर एक लाख श्रद्धालु गुफा तक पहुंचे और गैर सरकारी तौर पर यह आंकड़ा डेढ़ लाख है। ऐसे में हर बार रक्षा बंधन से पहले ही भक्तों के सांसों की गर्मी और मौसम की गर्मी से तेजी से पिघलता अमरनाथ यात्रा का प्रतीक हिमलिंग एक बार फिर विवाद का मुद्दा बन गया है।
अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने झाड़ा पल्ला
अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने इसके पिघलने की प्रक्रिया से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। हालांकि कश्मीर के पर्यावरणविद इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से ऐसा हुआ है। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है
भक्तों की गर्म सांसों से पिघल रहा है हिमलिंग!
पिछले कई सालों से जिस तेजी से हिमलिंग पिघल रहा है उसे रोकने की खातिर किए जाने वाले उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। दरअसल गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से हिमलिंग को नुकसान पहुंच रहा है क्योंकि लाखों भक्तों की गर्म सांसों को हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी अप्रत्यक्ष तौर पर भक्तों की सांसों की थ्योरी को मानते हैं पर प्रत्यक्ष तौर पर वे इसे कुदरती प्रक्रिया करार देते थे। ALSO READ: दुर्गा स्क्वॉड कैसे बदलेगा बंगाल में महिला सुरक्षा का हाल?
क्या थी नीतिन सेन गुप्ता कमेटी की सिफारिश
श्राइन बोर्ड के अधिकारी कहते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग भी इसे प्रभावित कर रही है। वे इससे इंकार करते हैं कि गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वर्ष 1996 के अमरनाथ हादसे के बाद नीतिन सेन गुप्ता कमेटी की सिफारिश थी कि 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल न होने दिया जाए। पर ऐसा कभी नहीं हो पाया। इस बार अभी तक डेढ़ लाख श्रद्धालु गुफा में पहुंचे हैं। ALSO READ: मिस्र के रेगिस्तान में मिला सैंकड़ों साल पुराना शहर
नाराज हैं पर्यावरणविद
इस पर पर्यावरणविद खफा हैं। वे कहते हैं कि यात्रियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि न सिर्फ हिमलिंग को पिघलाने में अहम भूमिका निभा रही है, यात्रा मार्ग के पहाड़ों के पर्यावरण को भी जबरदस्त क्षति पहुंचा रही है। श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की संख्या को कम करने को राजी नहीं दिखता है। ALSO READ: सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स
यात्रा शुरू होने के बाद भक्तों के अलावा गुफा के आस-पास बड़ी तादाद में सुरक्षाकर्मी भी मौजूद हैं। भारी भीड़ की वजह से अमरनाथ गुफा के आसपास का तापमान और बहुत बढ़ गया है, हालांकि श्राइन बोर्ड ने दावा किया था कि पिछले दो तीन साल में उन्होंने कुछ ऐसे उपाय किए हैं, जिससे गुफा तापमान ना बढ़े। एक बार फिर बढ़ती गर्मी को भी एक कारण ठहराया जा रहा है।
edited by : Nrapendra Gupta
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