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मिस्र में 1600 साल पुराना शहर और 18 प्राचीन कब्रें मिलीं, 'सुनहरी जीभ' ने बढ़ाया रहस्य

egypt uncovers lost byzantine era city
-रीतिका
मिस्र के पुरातत्विदों ने दो बेहद अहम खोज की हैं। इसमें पूरा का पूरा प्राचीन शहर और एक जगह कई कब्रें मिली हैं। मिस्र को उम्मीद है कि इन नई खोजों से उसके पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
 
मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में बाइजेन्टाइन युग के एक बेहद अच्छी तरह से संरक्षित शहर को अब तक की सबसे प्रमुख पुरातात्विक खोजों में से एक माना जा रहा है। मिस्र के शहर अलेक्जेंड्रिया के पास दाखला ओएसिस और मरीना एल-अलामीन के पुरातात्विक स्थल पर हाल ही में हुई ये दोनों खोज बेहद अहम मानी जा रही हैं। ALSO READ: नया रक्षा बैंक क्यों बनाना चाहता है नाटो का सदस्य कनाडा
 
यहां के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय ने कहा कि पहली खोज चौथी शताब्दी में दाखला ओएसिस में रोजमर्रा के जीवन, शहरी विकास और आर्थिक गतिविधियों के विवरण को उजागर करती है, जब मिस्र बाइजेन्टाइन साम्राज्य का हिस्सा था।
 

बाइजेन्टाइन युग के शहर में क्या क्या मिला

मिस्र में पुरातात्विक मिशन के अध्यक्ष महमूद मसूद ने कहा कि बाइजेन्टाइन युग का यह शहर चौथी शताब्दी के मध्य की एक बेसिलिका चर्च बस्ती के शीर्ष पर स्थित है, जो इसकी मुख्य सड़कों की ओर देखती है। साथ ही बाहरी इलाकों की सुरक्षा के लिए दो वॉच टावरों के अवशेष भी पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यहां सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई मोटी दीवारों वाली एक भारी किलेबंद संरचना और कई घर मिले हैं जिनमें स्वागत कक्ष और गुंबददार छतें थीं।
 
मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पुरातत्वविदों ने ब्रेड ओवन, रसोई और पत्थर से बने पीसने के उपकरण भी खोजे हैं जिनका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता था। इसके अलावा बाइजेन्टाइन सम्राटों के चित्र, लैटिन शिलालेख और ईसाई प्रतीकों वाले अच्छी तरह से संरक्षित कांसे के सिक्के भी मिले हैं। इसके साथ ही रोमन सम्राट कॉन्सटेंटियस द्वितीय के शासनकाल के सोने के सिक्के भी मिले हैं।
 
इस्लामिक, कॉप्टिक और यहूदी पुरावशेष विभाग के प्रमुख दीया जहरान ने कहा कि उन्हें लगभग 200 मिट्टी के बर्तनों के टुकड़ों का एक संग्रह मिला है जिसका इस्तेमाल लेखन सामग्री के तौर पर किया जाता होगा। जहरान ने कहा कि इन टुकड़ों को ऑक्ट्राका के रूप में जाना जाता है, जिन पर आर्थिक लेनदेन, पत्राचार और दैनिक जीवन के विवरणों के शिलालेख हैं। ALSO READ: जर्मनी में बड़े टैक्स, श्रम और पेंशन सुधारों को मिली मंजूरी
 

कब्रों के साथ मिली ‘सुनहरी जीभ'

इसके साथ ही पुरातत्वविदों को मरीना एल-अलामीन पुरातात्विक स्थल में 18 प्राचीन कब्रें भी मिली हैं। मंत्रालय ने कहा कि आठ मीटर की गहराई वाली चट्टान को काटकर बनाई गई 11 कब्रें और सतह पर चूना पत्थर से बनी सात कब्रें शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि इससे इस स्थल पर पाई गई कुल कब्रों की संख्या 48 हो गई है। साथ ही स्थल पर, पुरातत्वविदों को मिट्टी के बर्तन, एम्फोरा (एक तरह की सुराही), लैंप, प्लेटें, वेदियां (पूजा करने की जगह) और चूना पत्थर के बेसिन मिले हैं।
 
मिशन के प्रमुख ईमान अब्देल खालिक ने कहा कि उन्हें 2.5 मीटर लंबा ग्रेनाइट का ताबूत मिला है, जिसमें कंकाल के अवशेष हैं। इनका फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ताबूत के करीब, उन्हें प्लास्टर की बनी स्फिंक्स मूर्ति के अवशेष मिले हैं। खालिक ने कहा कि उन्हें कुछ मृतकों के मुंह के अंदर रखे सोने के 4 टुकड़े भी मिले हैं, जिन्हें सुनहरी जीभ के रूप में जाना जाता है, जो उस युग के अंतिम संस्कार के विश्वासों से जुड़ी एक प्रथा थी।
 
मरीना एल-अलामीन मिस्र के उत्तरी तट पर अलामीन शहर के करीब एक पुरातात्विक स्थल है। मंत्रालय ने कहा कि 1986 में खोजी गई इस साइट के बारे में पुरातत्वविदों का मानना है कि यह भूमध्य सागर पर ल्यूकास्पिस का प्राचीन ग्रीको-रोमन बंदरगाह शहर था, जो दूसरी शताब्दी में बनाया गया था और चौथी शताब्दी तक फला-फूला। ALSO READ: सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स
 

मिस्र को नई खोज से पर्यटन बढ़ने की उम्मीद

मिस्र सरकार को उम्मीद है कि इस नई खोज से देश के महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। मिस्र का पर्यटन ज्यादातर वहां के पुराने इतिहास की बुनियाद पर चलता है। स्वेज नहर के साथ-साथ मिस्र के लिए पर्यटन देश में आने वाली विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है। इसके साथ ही जिस जगह ये खोज हुई है वह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से सिर्फ एक कदम दूर है।
 
2011 के विद्रोह और कोरोना महामारी के बाद सालों की राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसा के बाद मिस्र का पर्यटन फिर से उबरने लगा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल रिकॉर्ड 1.9 करोड़ पर्यटकों ने मिस्र का दौरा किया, जो 2024 से 21 फीसदी अधिक था। आंकड़ों से पता चलता है कि 2026 के पहले चार महीनों में 61 लाख पर्यटक आए, जबकि 2025 की इसी अवधि के दौरान यह संख्या 57 लाख थी।
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