विज्ञापन विवाद : AAP का पलटवार, बिना पॉवर के ही LG पास कर रहे हैं ऑर्डर
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के मुख्य सचिव द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) से राजनीतिक विज्ञापनों के लिए 97 करोड़ रुपए की वसूली करने का आदेश देने के बाद आप ने कहा कि उनके पास ऐसे आदेश पारित करने का कोई अधिकार नहीं है।
आप के प्रमुख प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल के निर्देश को नया प्रेम पत्र करार दिया। भारद्वाज ने दावा किया, 'भाजपा, हमारे एक राष्ट्रीय पार्टी बनने और एमसीडी से उन्हें सत्ता से बाहर करने के कारण घबरा गई है। उपराज्यपाल साहब सब कुछ भाजपा के निर्देशों पर कर रहे हैं और इससे दिल्ली के लोगों को परेशानी हो रही है। दिल्ली के लोगों की चिंता जितनी बढ़ती है, भाजपा उतनी खुश होती है।'
आप नेता ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल के पास कोई अधिकार नहीं है। वह ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं कर सकते। यह कानून के अनुरूप नहीं हैं। अन्य राज्यों की सरकारें भी विज्ञापन जारी करती हैं। भाजपा की विभिन्न राज्य सरकारों ने भी विज्ञापन जारी किए जो यहां प्रकाशित हुए हैं।जबसे AAP National Party बनी है
— AAP (@AamAadmiParty) December 20, 2022
BJP की नींद उड़ गई है
BJP अब दिल्ली की जनता के ख़िलाफ़ है
Mohalla Clinic की दवाइयों का Budget रोक दिया, Doctor की Salary रोक दी
बुजुर्गों, विकलांगों और विधवाओं की पेंशन रोक रहे हैं
दिल्ली जल बोर्ड का पैसा 6 महीने तक रोक रहे हैं।
—@Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/Dc7IXv23PL
बिना Power के ही LG Ilegal Order पास कर रहे हैं-
— AAP (@AamAadmiParty) December 20, 2022
Delhi Govt के Advertisment बाहर कैसे छप रहे हैं?
वहीं BJP शासित राज्यों Gujarat, Karnataka, MP, Haryana, UP, Assam ने करीब 22000 Crore के Ads बाहरी राज्यों में दिए हैं
JP Nadda जी बताएं- BJP ये 22000 Cr कब देगी?
-@Saurabh_MLAgk pic.twitter.com/iepY77JPjH
उन्होंने कहा कि हम पूछना चाहते हैं कि विज्ञापनों पर खर्च किए गए 22,000 करोड़ रुपए उनसे कब वसूल किए जाएंगे? जब उनसे पैसा वसूल कर लिया जाएगा, तब हम भी 97 करोड़ रुपए दे देंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने मुख्य सचिव को सरकारी विज्ञापनों की आड़ में राजनीतिक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) से 97 करोड़ रुपए वसूलने का निर्देश दिया है।
Edited by : Nrapendra Gupta

