मध्यप्रदेश की सियासत में कुछ बड़ा होने वाला है?
मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों सियासी दिग्गजों कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को लेकर सियासी अटकलों का बाजार गर्म है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के लगातार कैबिनेट बैठकों में नहीं शामिल होने से इन अटकलों को और तेज कर दिया है। ऐसे में भोपाल से लेकर दिल्ली तक दिग्गज नेताओं की सियासी मुलाकातों के भी कई मायने निकाले जा रहे है। गुरुवार को दिल्ली मे्ं पूर्व मुख्यमंत्री औ कैबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रहलाद पटेल की मुलाकात को भी इसी से जो़ड़कर देखा जा रहा है।
मध्यप्रदेश की सियासत में अटकलों का दौर उस वक्त और तेज हो गया जब पिछले दिनों दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की एक दिन में मुलाकातें हुई। इन मुलाकातों के बाद बड़वानी में हुई कृषि कैबिनेट की बैठक में कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल का शामिल न होना भी कई सियासी संकेत दे रहे है।
गौरतलब है कि इस हफ्ते भोपाल मे हुई कैबिनेट की बैठक में भी यह दोनों मंत्री शामिल नहीं हुए। वहीं कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल के अन्य कार्यक्रमों में लगातार शामिल होने और कैबिनेट की बैठक में नहीं शामिल होने को भी सियासी गलियारों में बड़े गौर से देखा जा रहा है।
इस बीच मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की अटकलें भी तेज हो गई है। मंत्रिमंडल विस्तार में नए चेहरों के शामिल होने और कुछ पुराने चेहरों को बाहर का राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में नई जिम्मेदारी दी जाने की अटकलें लगाई जा रही है।
आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे बडे राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर नए के साथ अनुभवी चेहरों को जगह मिल सकती है। पिछले दिनों खत्म हुए विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा की ओर से कुछ विधायक काफी सक्रिय नजर आए वहीं सरकार के दिग्गज मंत्री उतना सक्रिय नहीं नजर आए। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है।