Saturday, 29 August 2026
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Newsletter
Latest Hindu Festival Calender
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
वंदे मातरम् पर सबकुछ
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
क्रिकेट
अन्य खेल
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
Sat, 29 Aug 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
वंदे मातरम् पर सबकुछ
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
क्रिकेट
अन्य खेल
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
Notifications
×
Close
धर्म-संसार
/
व्रत-त्योहार
/
इस वर्ष के व्रत-त्योहार
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2026)
Monday,January 5, 2026
Kartik Month 2025: क्यों खास है कार्तिक माह? जानिए महत्व और इस महीने में क्या करें और क्या करने से बचें
Ahoi Ashtami 2025: इन नियमों के साथ रखें अहोई अष्टमी व्रत, संतान को मिलेगा सुख-समृद्धि और दीर्घायु होने का आशीर्वाद
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2025)
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2024)
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2023)
Thursday, December 22, 2022
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2022)
Monday, December 27, 2021
कैसा है माता पार्वती का मंगला गौरी स्वरूप, जानिए व्रत के 2 फायदे
Monday, July 26, 2021
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2021)
Wednesday, December 30, 2020
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2020)
Monday, December 30, 2019
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2019)
Saturday, December 29, 2018
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2018)
Wednesday, December 27, 2017
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2017)
Thursday, December 29, 2016
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2016)
Monday, December 28, 2015
इस वर्ष के व्रत-त्योहार (2015)
Monday, December 22, 2014
next news
ज़रूर पढ़ें
मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
वीडियो
और भी वीडियो देखें
धर्म संसार
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 अगस्त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय
30 August 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 30 अगस्त, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
सूर्य का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश: 31 अगस्त से 12 राशियों की चमकेगी किस्मत, देखें अपना राशिफल
31 अगस्त 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं। सूर्य (तेज, नेतृत्व और सफलता) और शुक्र (वैभव, सुख और समृद्धि) के इस नक्षत्र का संयोग सभी 12 राशियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला है। सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन जहाँ कुछ राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलेगा, वहीं कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।
जन्माष्टमी 2026: क्या आप जानते हैं कान्हा को कितने प्रकार के भोग लगते हैं? 5वें भोग के बिना अधूरी है पूजा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान बाल गोपाल (कान्हा) को प्रसन्न करने के लिए मुख्य रूप से 56 प्रकार के भोग (छप्पन भोग) अर्पित किए जाते हैं। यदि 56 भोग बनाना संभव न हो, तो जन्माष्टमी की पूजा में 5 प्रमुख और अनिवार्य भोग जरूर चढ़ाए जाते हैं:
इस बार जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का यह कौनसा जन्मोत्सव रहेगा?
प्रतिवर्ष हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण का जन्म दिवस मनाया जाता है। साल 2026 में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग की गणनाओं के अनुसार, द्वापर युग में श्रीकृष्ण का जन्म 3228 ईसा पूर्व (BCE) भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।
सूर्य बदल रहे हैं अपना नक्षत्र: 31 अगस्त से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या है वजह
31 अगस्त 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं। सूर्य (तेज, नेतृत्व और सफलता) और शुक्र (वैभव, सुख और समृद्धि) के इस नक्षत्र का संयोग कई राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने वाला है। सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से इन 5 राशियों को होगा बड़ा लाभ।
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels