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Reliance Industries का रिकॉर्ड प्रदर्शन, FY26 में मुनाफा ₹95,754 करोड़, जियो और रिटेल ने दिखाई दमदार ग्रोथ

Reliance Industries results 2026
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस साल रिकॉर्ड कमाई दर्ज की है, जिसमें डिजिटल सर्विसेज़, रिटेल और O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स) सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा है।
 

 सालाना नतीजों में रिकॉर्ड प्रदर्शन

रिलायंस का FY 2025-26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11,75,919 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 9.8% बढ़ा है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान डिजिटल बिजनेस यानी जियो प्लेटफॉर्म्स का रहा, जहां 14.7% की बढ़त दर्ज की गई। रिटेल में 11.8% और O2C सेगमेंट में 5.7% की वृद्धि हुई। कंपनी का सालाना EBITDA 2,07,911 करोड़ रुपये रहा, जो 13.4% की बढ़त है, जबकि मुनाफा (PAT) 95,754 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसमें 17.8% की वृद्धि दर्ज की गई। मजबूत प्रदर्शन के चलते कंपनी ने 6 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है।
 

Q4 में भी मजबूत ग्रोथ
 

चौथी तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 3,25,290 करोड़ रुपये रहा, जो 12.9% बढ़ा है। हालांकि, ऑयल एंड गैस सेगमेंट में KG-D6 गैस उत्पादन में गिरावट के कारण कुछ दबाव देखने को मिला।
Q4 में EBITDA 48,588 करोड़ रुपये और मुनाफा 20,589 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान डिजिटल सर्विसेज़ और रिटेल सेगमेंट की मजबूती ने एनर्जी बिजनेस की कमजोरी को काफी हद तक संतुलित किया।
 

 जियो का दमदार प्रदर्शन
 

रिलायंस जियो का प्रदर्शन इस तिमाही में बेहद मजबूत रहा। जियो का रेवेन्यू 44,928 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 12.7% की बढ़त है। EBITDA 20,060 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन बढ़कर 52.4% हो गया।
मार्च 2026 तक जियो का कुल सब्सक्राइबर बेस 52.44 करोड़ पहुंच गया, जबकि 5G यूजर्स की संख्या 26.8 करोड़ हो चुकी है। कुल डेटा ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी अब करीब 55% हो गई है।
रिटेल बिजनेस में विस्तार
 
रिलायंस रिटेल का Q4 रेवेन्यू 98,232 करोड़ रुपये रहा, जो 10.8% ज्यादा है। कंपनी ने इस तिमाही में 333 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोर की संख्या बढ़कर 20,160 हो गई।
कंपनी के रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या 38.7 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि ट्रांजैक्शन में 62% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई।
 

O2C और एनर्जी पर दबाव
 

O2C सेगमेंट का रेवेन्यू 1,84,944 करोड़ रुपये रहा, लेकिन मिडिल ईस्ट में तनाव, बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत और ईंधन मार्जिन पर दबाव के कारण EBITDA प्रभावित हुआ।
ऑयल एंड गैस सेगमेंट में भी गिरावट दर्ज की गई, जहां रेवेन्यू 8.9% घटकर 5,867 करोड़ रुपये रह गया।
 

निवेश और विस्तार जारी

Q4 में कंपनी का कैपेक्स 40,560 करोड़ रुपये रहा, जबकि पूरे साल में यह 1,44,271 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। निवेश का फोकस O2C, नई ऊर्जा, जियो नेटवर्क और रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहा।
 

डिजिटल और मीडिया में रिकॉर्ड

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया। जियोहॉटस्टार पर ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मैच के दौरान 7.25 करोड़ लोगों ने एक साथ लाइव मैच देखा, जो एक बड़ा डिजिटल रिकॉर्ड है।

रिलायंस भी इस दौर में मज़बूती से आगे बढ़ता रहा : मुकेश अंबानी 
 
वित्त वर्ष FY2025-26 के दौरान हमने वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना किया, अंतरराष्ट्रीय तनाव, ऊर्जा क़ीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार के बदलते पैटर्न। इनकी वजह से दुनियाभर के कारोबार प्रभावित हुए। इसके बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक रफ़्तार बनाए रखी और रिलायंस भी इस दौर में मज़बूती से आगे बढ़ता रहा। हमारे विविध बिज़नेस पोर्टफोलियो और मजबूत घरेलू फ़ोकस ने हमें इस अनिश्चित माहौल में संतुलन बनाए रखने में मदद की।
 
जियो लगातार भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदल रहा है। मुझे खुशी है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह एक मील के पत्थर की तरह होगा और भारत के डिजिटल भविष्य में उसकी भूमिका को और पुष्ट करेगा। पूरे साल में 19% की मजबूत EBITDA ग्रोथ- मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सर्विसेज़ में लगातार बढ़ती मांग की वजह से आई है। हम AI टूल्स और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं, और जियो आने वाले समय में यह तय करने की स्थिति में है कि भारत कैसे कम्युनिकेशन करेगा, कंप्यूट करेगा और कंटेंट का इस्तेमाल करेगा।
 
रिलायंस रिटेल ने भी पूरे साल स्थिर और मजबूत प्रदर्शन किया। मुझे भरोसा है कि उसका ओम्नी-चैनल नेटवर्क और भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ आने वाले समय में लगातार ग्रोथ को आगे बढ़ाएगी। कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस, जो अब एक अलग और फोकस्ड स्ट्रक्चर में काम कर रहा है, तेज़ी से बढ़ रहा है और FMCG ब्रांड्स का दायरा भी बढ़ रहा है। भारत में खपत की कहानी अभी कई वर्षों तक चलने वाली है और हमारे बिजनेस इसके केंद्र में हैं।
 
O2C बिजनेस ने साल भर एक जटिल वैश्विक माहौल में काम किया। पश्चिम एशिया के युद्ध की वजह से वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा। ऐसे समय में भी रिलायंस ने देश को ज़रूरी ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता निभाई। हमारी O2C टीम ने LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए संसाधनों का सही दिशा में उपयोग किया, वहीं Jio-bp ने देशभर में ईंधन की सप्लाय बनाए रखी। KG-D6 बेसिन की गैस को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार ज़रूरी क्षेत्रों में भेजा गया। मुझे अपनी टीमों की प्रतिबद्धता और चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता पर गर्व है।
 
हाल के घटनाक्रमों ने ऊर्जा सुरक्षा की अहमियत को और स्पष्ट कर दिया है। मुझे खुशी है कि रिलायंस अपनी न्यू एनर्जी गीगा-फ़ैक्ट्रियों को तेज़ी से तैयार कर रहा है। यह बिज़नेस भविष्य में रिलायंस के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन बनेगा और भारत की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान देगा। Edited by: Sudhir Sharma
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