अब AI नहीं, इसे कहिए 'सुपर इंटेलिजेंस': ट्रम्प ने बदला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर 'सुपर इंटेलिजेंस' (SI) कर दिया है। इस फैसले को लागू करने के लिए उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश में कहा गया है कि संघीय सरकार द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली संज्ञा इस तकनीक की क्रांतिकारी क्षमताओं और अमेरिकी लोगों के लिए पैदा होने वाले असीमित अवसरों को दर्शाने वाली होनी चाहिए। ALSO READ: अमेरिका में इतिहास रचेगा भारत का एस्सार ग्रुप: 18 अरब डॉलर की लागत से बनेगा सबसे बड़ा स्टील प्लांट
डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि, "अब यह AI नहीं रहा, हमने आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदलकर 'SI' कर दिया है, जिसका अर्थ 'सुपर इंटेलिजेंस' होता है।" ट्रम्प ने 'सुपर इंटेलिजेंस' के मुद्दे पर मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एलन मस्क और अन्य टेक दिग्गजों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की।
'सुपरइंटेलिजेंस' यह संज्ञा इस तकनीक की क्षमता, संभावनाओं और तेजी से फैलते दायरे को अधिक सटीक रूप से रेखांकित करती है। यही कारण है कि मेरे प्रशासन ने यह नीति निर्धारित की है कि, कानून के दायरे में रहकर कार्यकारी शाखा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'एआई' इन शब्दों के बजाय 'सुपरइंटेलिजेंस' और 'एसआई' इन संज्ञाओं का उपयोग करेगी।
'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'एआई' स्वीकार नहीं
'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'एआई' इन नामों का उपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने इससे पहले एआई के विकास पर अंकुश लगाने की किसी भी आवश्यकता को खारिज कर दिया था। ट्रम्प ने पहले कहा था कि एआई दुनिया पर कब्जा कर लेगा, उसे नष्ट कर देगा और रोबोट हमारे शहरों पर आक्रमण करके सभी का नाश कर देंगे, ये केवल अफवाहें हैं। ALSO READ: AI के दुरुपयोग से जा सकती है 1 अरब लोगों की जान, बिल गेट्स की चेतावनी से टेक दुनिया में मचा हड़कंप
ट्रम्प ने यह निर्णय क्यों लिया?
एआई का नाम बदलने के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, क्योंकि यह आर्टिफिशियल नहीं है। इस पर हम सभी की एक सहमति है। हम इसका नाम बदलकर 'सुपर इंटेलिजेंस' कर रहे हैं और आधिकारिक तौर पर इसका यही नाम होगा।"
'सुपर इंटेलिजेंस' के बारे में बोलते हुए ट्रम्प ने आगे कहा, "यह शायद अब तक की सबसे बड़ी चीज़ है, यह इंटरनेट से भी बड़ी है। यह हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है और यह सब अब हमारे पास उपलब्ध है।"

