ग्रहों की शुभता चाहते हैं तो 15 अगस्त को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में करें दान
कृष्णा गुरुजी की अपील- राष्ट्रप्रेम को केवल एक दिन की भावना नहीं, जीवन का नागरिक संस्कार बनाएं
राष्ट्र प्रेम केवल एक दिन की भावना या प्रदर्शन न बने, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का नागरिक संस्कार बने। इसी संदेश के साथ प्रसिद्ध विचार-चिंतक कृष्णा गुरुजी ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर देशवासियों और प्रवासी भारतीयों से 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF) में अपनी सामर्थ्य के अनुसार न्यूनतम योगदान देने की भावुक अपील की है। गुरुजी पिछले 5 वर्षों से “Do For Nation = Donation” अभियान चला रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय त्योहारों पर दान संस्कृति को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रप्रेम को बनाएं जीवनशैली और नागरिक संस्कार
कृष्णा गुरुजी ने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को तिरंगा फहराना और देशभक्ति के गीत गाना राष्ट्र के प्रति सम्मान का सुंदर तरीका है। लेकिन जिस तरह हम जन्मदिन या पारिवारिक उत्सवों पर खर्च करते हैं, उसी तरह स्वतंत्रता दिवस पर देश के नाम एक छोटा योगदान देना भी हमारी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।
गैर-राजनीतिक पहल : उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल, नेता या विचारधारा से जुड़ा नहीं है, बल्कि विशुद्ध रूप से राष्ट्रहित और मानव सेवा से प्रेरित है। PMNRF में दिया गया दान प्राकृतिक आपदाओं, गंभीर बीमारियों के इलाज और बड़ी दुर्घटनाओं में पीड़ितों की मदद के काम आता है।
एक दान से सूर्य, शनि और राहु की शुभता
कृष्णा गुरुजी ने इस अभियान के पीछे का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय पहलू स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष सीधा देश के शीर्ष शासन तंत्र से जुड़ा है, जो सूर्य तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। दान का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचता है, जो शनि के भाव को दर्शाता है। वर्तमान दौर में ऑनलाइन ट्रांसफर और प्राकृतिक/अचानक आई आपदाएं राहु के क्षेत्र से संबंधित हैं।
कृष्णा गुरुजी का कहना है कि जब हम ऑनलाइन माध्यम से प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करते हैं, तो सूर्य, शनि और राहु—तीनों का सकारात्मक समन्वय बनता है। निःस्वार्थ सेवा और राष्ट्रहित में किया गया दान आपके जीवन में एक शुभ कर्म बनकर जुड़ता है।
राशि नहीं, राष्ट्रभाव महत्वपूर्ण
गुरुजी ने कहा कि इस अभियान का मकसद बड़ी रकम जुटाना नहीं, बल्कि नागरिकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव जगाना है। आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार ₹11, ₹21 या ₹51 जैसा न्यूनतम दान भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को जब तिरंगे को नमन करें, उसी समय देश के नाम एक छोटा योगदान भी करें। 'Do For Nation = Donation' को केवल नारा नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली बनाएं।

