उज्जैन की भैरवगढ़ जेल में रचा इतिहास, 1000 बंदियों ने एक साथ किया योग, 'गिनीज बुक' और 'इंटरनेशनल योग बुक' के लिए दावा पेश
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। जेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक और योग गुरु कृष्णा गुरुजी के सानिध्य में एक विशाल योग सत्र का आयोजन किया गया। आयुष मंत्रालय के 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' के तहत आयोजित इस सत्र में लगभग 1000 पुरुष और महिला बंदियों ने एक साथ योग कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
विश्व रिकॉर्ड के लिए दावा प्रस्तुत
इस ऐतिहासिक आयोजन के सभी दस्तावेज़ और आवश्यक प्रमाण 'Largest Yoga Session of Prisoners' (कैदियों का सबसे बड़ा योग सत्र) श्रेणी के तहत 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' (Guinness World Records) और 'इंटरनेशनल योग बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (International Yoga Book of Records) को भेज दिए गए हैं। फिलहाल रिकॉर्ड दर्ज होने की प्रक्रिया प्रचलन में है।
कैदियों ने सीखीं योग की बारीकियां
कार्यक्रम की शुरुआत योग प्रार्थना से हुई। इसके बाद बंदियों को ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, शिखर आसन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम का गहन अभ्यास कराया गया। प्राणायाम के बाद हुए विशेष ध्यान सत्र के दौरान पूरी जेल में अद्भुत शांति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बन गया।
कृष्णा गुरुजी ने कहा कि हमने योग को केवल आसनों और प्रदर्शन तक सीमित कर दिया है। साल में सिर्फ एक दिन योग करना इस महान विद्या के साथ न्याय नहीं है। एक दिन आप जेल से तो छूट जाओगे, लेकिन यदि क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और नकारात्मक सोच की कैद से मुक्त होना है, तो योग को अपनी दिनचर्या में जोड़ना होगा।
बंदी और उनके होनहार बच्चों का सम्मान
जेल में केवल योग ही नहीं हुआ, बल्कि सकारात्मक बदलाव लाने वालों की हौसलाअफजाई भी की गई। 30 से अधिक बंदियों को जेल में अनुशासन, साक्षरता और योग में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'विघ्नहर्ता अवार्ड' दिया गया। 10 से अधिक बंदियों के उन बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने परीक्षाओं में शानदार अंक हासिल किए थे। यह पुरस्कार जेल में बंद उनके पिताओं के हाथों दिलवाया गया, जिससे माहौल भावुक हो गया।
बंदियों ने साझा किए दिल छू लेने वाले अनुभव
पहले बंदी ने कहा कि मैं भैरवगढ़ जेल प्रशासन का आभारी हूं। ऐसे कार्यक्रमों से हमें आत्मसुधार और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। दूसरे बंदी ने कहा कि गुरुजी की यह बात मेरे मन को छू गई कि शरीर की कैद से तो एक दिन मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन मानसिक विकारों (क्रोध, लोभ) की कैद से छूटने के लिए योग को अपनाना ही होगा।
इस आयोजन में जेल अधीक्षक मनोज साहू, डिप्टी जेलर सुरेश गोयल सहित कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसायटी के राकेश बजाज, श्रीमती भारती मंडलोई, नितेश पटेल, पिंकू यादव और कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी बंदियों ने जीवनभर योग करने का सामूहिक संकल्प लिया। योग दिवस की खुशी में जेल प्रशासन द्वारा सभी बंदी भाई-बहनों को मिठाई भी बांटी गई।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

