JDU विधायक अनंत सिंह ने बताया बांकीपुर में भाजपा की हार का असली कारण
Anant Singh Bankipur by-election results: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 31 साल बाद बीजेपी की हार और प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत पर जेडीयू विधायक अनंत सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। अनंत ने बताया कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने का मैसेज जनता के बीच अच्छा नहीं गया, जिससे बीजेपी का यह मजबूत किला ढह गया। खास बात यह है कि यह सीट भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
प्रशांत किशोर की जीत के साथ ही बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से चला आ रहा भाजपा (BJP) का कब्जा खत्म हो गया है। इस उपचुनाव में पहली बार चुनाव लड़े जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार 324 वोटों के बड़े अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस हार के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। ALSO READ: बांकीपुर में क्यों हारी भाजपा? प्रशांत किशोर की जीत के 5 बड़े कारण
क्या कहा JDU विधायक अनंत सिंह ने?
मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने बीजेपी की इस हार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक बड़ा दावा किया है। सिंह ने कहा कि जनता के बीच यह गलत मैसेज चला गया कि नीतीश कुमार को कुर्सी से हटा दिया गया है, जिससे लोग नाराज थे। उन्होंने कहा कि जनता में यह हवा फैल गई कि बीजेपी वालों ने नीतीश कुमार के साथ ऐसा किया है। ALSO READ: बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा
हालांकि सभी नेता कहते हैं कि दोनों (JDU-BJP) ने मिलकर फैसला लिया, लेकिन जनता में चर्चा है कि नीतीश कुमार को हटाया गया है। जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया था और उसे यह खिलवाड़ पसंद नहीं आया। अनंत सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद पता लगाया था और नीतीश कुमार अपनी राजी-खुशी से हटे थे, लेकिन जनता में भ्रम की स्थिति बनी रही कि उन्हें हटाया गया है। नीतीश कुमार के अच्छे कामों की वजह से लोग दुखी हो गए। ALSO READ: बांकीपुर से प्रशांत किशोर की जीत के क्या हैं मायने
राजद पर करारा तंज
उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की करारी हार पर तंज कसते हुए अनंत ने कहा कि आरजेडी कोई पार्टी ही नहीं है और उसके साथ अब कोई चलने को तैयार नहीं है। सिर्फ एक जाति के दम पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। जब उनसे पूछा गया कि RJD को M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण का असर क्यों नहीं दिखाई दिया तो उन्होंने कहा कि लोग अपना वोट बेकार नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने RJD को वोट नहीं दिया।

