बहनें होती हैं अबूझ पहेली सी
आभा
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बिल्कुल अनसुलझी अबूझ पहेली सी,
मेले में मिली सहेली सी,
जो जल्दी-जल्दी मिल भेंटकर
निकल जाती हैं
अपने-अपने घर।
बहनों को समझना
इतना आसान नहीं होता
जितना सुलझाना
लटों की तरह
उलझी दुनिया को।
साभार : वागर्थ

