क्या बच्चों को चाय पिलाना सही है?
Is Tea Good for Kids
बच्चों को चाय से होने वाले नुक्सान
दरअसल बच्चों को कभी कभार चाय या कॉफी दी जा सकती है। लेकिन रोज़ कॉफी देने से ये उनकी आदत बन सकती है। चाय और कॉफी में कैफीन मौजूद होता है जो हमारे दिमाग को एक्टिव बनाता है और शरीर में फुर्ती लता है। बच्चों के शरीर को इतनी कैफीन की ज़रूरत नहीं होती है। बच्चों में कैफीन की मात्रा से नींद न आना और मूड स्विंग जैसी समस्या हो सकती है जो भविष्य में गंभीर बिमारियों का भी रूप ले सकती है। साथ ही लगातार चाय के सेवन से बच्चों के हार्ट और दिमाग पर भी असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक आप अपने बच्चे को हफ्ते में 2 कप से ज़्यादा चाय या कॉफी न दें। साथ ही चाय या कॉफी बहुत अधिक स्ट्रांग न हो। चलिए जानते हैं चाय और कॉफी के और नुक्सान के बारे में..
- शरीर का धीमी गति से विकास होना।
- व्यव्हार में बदलाव या मूड स्विंग होना।
- नींद प्रभावित होना।
- दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ना।
- कैफीन के कारण घबराहट होना।
- डायबिटीज या हार्ट की बीमारी के खतरे का बढ़ना।
चाय की जगह दूध और जूस दें
दूध बच्चों की हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद है। आप अपने बच्चों को चाय और कॉफी से दूर रखें। चाय या कॉफी के सेवन से बच्चों का शरीर ठीक से ग्रो नहीं होता है। दूध बच्चों की ग्रोथ के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें विटामिन D और कैल्शियम भरपूर मात्रा में रहता है जिससे आपके बच्चे की हड्डियां मज़बूत होती हैं। साथ ही विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए आप अपने बच्चे को फलों का जूस पिलाएं। इससे उसके शरीर में एनर्जी बनी रहेगी और बच्चों का शरीर भी एक्टिव रहेगा। विटामिन की कमी से बच्चों में थकान और कमज़ोरी की शिकायत होती है। अपने बच्चे के शरीर और दिमाग को एक्टिव बनाने के लाइट दूध और जूस एक बेहतरीन विकल्प है।
लिमिटेड मात्रा में चाय देने के क्या फायदे हैं?
- बदन दर्द या पेट दर्द से राहत
- खांसी और जुखाम से राहत
- बुखार होता है कम
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