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रथयात्रा विशेष : जब नरेन्द्र मोदी ने बदल दिया था अहमदाबाद रथयात्रा का इतिहास, आज भी निभाते हैं यह नियम

नरेंद्र मोदी अहमदाबाद रथयात्रा
Narendra Modi Ahmedabad Rathyatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूं ही सबसे अलग नहीं हैं। 12 साल से अधिक समय तक वे गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी भगवान जगन्नाथ के लिए शुरू की गई परंपरा को निभा रहे हैं। उन्होंने 149वीं रथयात्रा से पहले ही भगवान जगन्नाथ को विशेष प्रसाद भिजवा दिया था।
 
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने के बावजूद, नरेंद्र मोदी भगवान जगन्नाथ से अटूट रूप से जुड़े हुए हैं। अपने अत्यंत व्यस्त कार्यक्रम के बीच भी पीएम मोदी हर साल की तरह इस साल भी भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा से पहले दिल्ली से विशेष प्रसाद भेजना नहीं भूले हैं। इस विशेष प्रसाद में मौसम के अनुसार मूंग, जामुन, आम और सूखे खजूर सहित अन्य फलों को शामिल किया गया है, जिसे एक आकर्षक बॉक्स में पैक करके जमालपुर जगन्नाथ मंदिर भेजा गया है।

मुख्यमंत्री के रूप में शुरू की गई परंपरा आज भी बरकरार

पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने रथयात्रा के एक दिन पहले मंदिर में विशेष नैवेद्य भेजने की यह सुंदर परंपरा शुरू की थी। देश के प्रधानमंत्री बनने और दिल्ली शिफ्ट होने के बाद भी इस नियम में कभी कोई बाधा नहीं आई है। 12 साल और 7 महीने तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अहमदाबाद की इस रथयात्रा को एक नई भव्यता प्रदान की थी।

सबसे अधिक बार 'पहिंद विधि' करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

गुजरात की परंपरा के अनुसार, रथयात्रा में सोने की झाड़ू से रथ का मार्ग साफ करने की 'पहिंद विधि' राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा की जाती है। नरेंद्र मोदी के नाम गुजरात में सबसे अधिक 13 बार यह पवित्र पहिंद विधि करने का अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। वे न केवल यह विधि करते थे, बल्कि जमालपुर के 400 वर्ष पुराने मंदिर के प्रांगण से खुद रथ खींचकर यात्रा का प्रस्थान भी करवाते थे।

हिंसा के साये से मुक्ति और हाई-टेक सुरक्षा

वर्ष 2001 से पहले अहमदाबाद की रथयात्रा पर अक्सर सांप्रदायिक तनाव या हिंसा का ग्रहण लग जाता था। लेकिन नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने कड़े प्रशासनिक नियंत्रण में इस यात्रा को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना दिया। यात्रा के मार्ग पर जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और हाई-टेक कंट्रोल रूम जैसी आधुनिक तकनीक पेश करने वाले वे पहले नेता थे, जिसके कारण लाखों श्रद्धालु बिना किसी डर के इस उत्सव में शामिल हो सके।

अहमदाबाद की रथयात्रा को दिलाई वैश्विक पहचान

पीएम मोदी ने ओडिशा की जगन्नाथ पुरी रथयात्रा की तरह ही अहमदाबाद की रथयात्रा को भी देश की दूसरी सबसे बड़ी और भव्य रथयात्रा के रूप में वैश्विक पटल पर पहचान दिलाई है। उनके ही शासनकाल के दौरान देश भर से आने वाले हजारों साधु-संतों और अखाड़ों के लिए विशेष सरकारी समन्वय और बेहतर नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था शुरू की गई थी। इस वर्ष भी सुरक्षा के लिए 30,000 से अधिक पुलिस जवान तैनात हैं और मुख्यमंत्री व डीजीपी खुद इसका निरीक्षण कर रहे हैं।

रथयात्रा के पावन पर्व पर पीएम मोदी का विशेष संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस यात्रा को भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक गौरवशाली प्रतीक बताया है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को प्रेरित करती है और यह विनम्रता, सामूहिक भागीदारी व सेवा भाव का प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है।
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