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गणेश उत्सव 2026: गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और स्थापना विधि

ganesh sthapan and muhurat
वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इसी दिन घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में मंगलमूर्ति श्री गणेश जी की स्थापना की जाएगी। यह त्योहार 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। चलिए जानते हैं गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त और स्थापना की विधि। 

गणपति स्थापना शुभ मुहूर्त (14 सितंबर 2026)

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 13 सितंबर 2026 को रात 08:15 बजे से
चतुर्थी तिथि समाप्त: 14 सितंबर 2026 को शाम 06:05 बजे तक
गणपति स्थापना हेतु शुभ मुहूर्त: प्रातः 11:03 बजे से दोपहर 01:32 बजे तक (कुल अवधि: लगभग 2 घंटे 29 मिनट)
 

गणपति स्थापना की सरल एवं सही विधि

तैयारी व स्वच्छता: स्थापना से पूर्व घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूजा स्थान की अच्छे से सफाई करें। स्वयं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र (संभव हो तो लाल या पीले) धारण करें।
चौकी की सजावट: एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर अक्षत (चावल) का एक अष्टदल कमल या ढेरी बनाएं।
मूर्ति स्थापना: भगवान गणेश की मूर्ति लाते समय उनका मुख ढका होना चाहिए। चौकी पर स्थापित करते समय बाप्पा का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
कलश स्थापना (वैकल्पिक): चौकी के पास जल से भरा कलश रखें, जिसमें आम के पत्ते, सुपारी, सिक्का और दुर्वा डालें तथा ऊपर नारियल रखें।
पंचामृत व गंगाजल स्नान: यदि धातु की मूर्ति है तो पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं। मिट्टी की प्रतिमा पर केवल जल के छींटे मारें।

श्रृंगार व पूजन:

गणपति जी को रोली, चंदन और हल्दी का तिलक लगाएं।
उन्हें लाल वस्त्र/जनेऊ धारण कराएं।
दुर्वा (दूब घास): बाप्पा को 21 दुर्वा अति प्रिय हैं, इसे अवश्य अर्पित करें।
लाल पुष्प (गुड़हल) और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
आवाहन व आरती: 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करते हुए धूप-दीप जलाएं। अंत में परिवार सहित श्री गणेश जी की आरती करें और मोदक का प्रसाद बांटें।
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