गणेश उत्सव 2026: कब होगी गणपति बप्पा की स्थापना? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को 10 दिवसीय गणेश उत्सव प्रारंभ होगा जो अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। इस बार 14 सितंबर यह त्योहार मनाया जाएगा। इस बार इस दिन हरतालिका तीज का संयोग भी रहेगा। ऐसी मान्यता है कि हरतालिका तीज पर बालू की मूर्ति और पूजन सामग्री का विसर्जन करने के बाद ही गणेश जी की मूर्ति की स्थापपना की जा सकती है।
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 14 सितंबर 2026 को सुबह 05:22 बजे से
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि समाप्त: 15 सितंबर 2026 को सुबह 07:14 बजे तक
14 सितंबर के दिन के शुभ मुहूर्त:
प्रातःकाल हरितालिका पूजा मुहूर्त- सुबह 06:26 से 07:06 तक।
मध्याह्न गणेश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 12:58 तक।
गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त: मध्याह्न 11:20 से 01:48 तक।
शाम को पूजा के लिए गोधूलि मुहूर्त: 06:42 से 07:05 तक।
स्थापना व पूजन के समय ध्यान रखने योग्य बातें
चंद्र दर्शन निषेध (चंद्रमा न देखें): गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा देखना वर्जित माना जाता है। 14 सितंबर को सुबह 09:12 बजे से रात 08:58 बजे तक चंद्र दर्शन से बचें (मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा देखने से मिथ्या कलंक लगता है)।
चौकी व दिशा: पूजा स्थान पर उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर गणेश जी की नई मूर्ति स्थापित करें।
प्रिय भोग व सामग्री: गणेश जी की स्थापना के समय दूर्वा (दूब घास), मोदक या बेसन के लड्डू, लाल फूल (जासवंद/गुड़हल), अक्षत और शमी के पत्ते अवश्य अर्पित करें।

