गायक शान का अनोखा अंदाज, सूफी गायकों संग 'दमादम मस्त कलंदर' को दिया नया रंग
तेजी से बदलते संगीत के इस दौर में, अपनी जड़ों से जुड़ी ध्वनियों को एक नई पहचान मिल रही है। मशहूर गायक शान ने सुप्रसिद्ध सूफी आवाजों—रईस अनीस साबरी और मुज्तबा अजीज नाज़ा के साथ मिलकर 'दमादम मस्त कलंदर' को एक आधुनिक और नए स्वरूप में पेश किया है।
इस गाने को 'देसी तड़का म्यूजिक' के बैनर तले 'BacXtage' सीजन 1 के हिस्से के रूप में रिलीज किया गया है। भारत के मूल 'साबरी ब्रदर्स' की तीसरी पीढ़ी के संगीतकार रमीज सोहेल द्वारा परिकल्पित 'BacXtage' एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक रूप से समृद्ध संगीत को समकालीन प्रदर्शन प्रारूप में पेश करना है।
इस पूरे सीजन में विरासत और नए जमाने की प्रतिभाओं का अनूठा मेल देखने को मिला है, जिसमें कविता सेठ, राज बर्मन, जावेद अली, शबाब साबरी, दानिश साबरी, सलमान अली और पवनदीप राजन जैसे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी है।
एपिसोड 6: एक रूहानी अनुभव
छठे एपिसोड में 'दमादम मस्त कलंदर' के जरिए शान की मधुर गायकी और साबरी-नाज़ा परंपराओं की आध्यात्मिक तीव्रता का संगम देखने को मिलता है। शान ने कहा कि यह एक ऐसा गीत है जो पहले से ही लोगों के दिलों में बसता है। हमारा प्रयास इसकी भावनात्मक गहराई को सुरक्षित रखते हुए इसे ताजगी के साथ पेश करना था।
रईस अनीस साबरी ने साझा किया, 'हमारा ध्यान परंपरा का सम्मान करने पर था ताकि यह आज के श्रोताओं के साथ जुड़ सके।' वहीं मुज्तबा अजीज नाज़ा ने बताया कि सूफी संगीत समय के साथ विकसित होता है। यह सहयोग उसी भावना को आगे ले जाता है।
'देसी तड़का म्यूजिक' के सीईओ यश हाके के नेतृत्व में यह प्रोजेक्ट सांस्कृतिक संगीत को आधुनिक मंच प्रदान कर रहा है। क्रिएटर रमीज सोहेल का विजन "BacXtage को संगीत की दुनिया में मौलिकता और शुद्ध अभिव्यक्ति को वापस लाने के लिए बनाया गया है।"
सीजन 1 का समापन बेनी दयाल के साथ एक धमाकेदार सहयोग से होगा। अगस्त 2026 से 'BacXtage' सीजन 2 की शुरुआत होगी, जिसमें भारत के शीर्ष स्वतंत्र (Independent) कलाकार शामिल होंगे।