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Last Modified: शनिवार, 7 फ़रवरी 2026 (15:32 IST)

देवदास में चंद्रमुखी बनने से लेकर भंसाली संग काम करने के अनुभव पर माधुरी दीक्षित ने की बात

Madhuri Dixit
माधुरी दीक्षित ने संजय लीला भंसाली की 2002 में आई भव्य फिल्म 'देवदास' में उनके साथ काम करने के अपने अनुभव को याद किया है। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे विजुअली रिच और भव्य क्लासिक्स में गिनी जाती है। अपनी ग्रैंड सिनेमैटिक विज़न के लिए अक्सर गुरु दत्त और राज कपूर जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स से तुलना किए जाने वाले भंसाली के बारे में माधुरी का कहना है कि उन्होंने सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि फिल्ममेकिंग की पूरी प्रक्रिया में भी कविता घोल दी थी।
 
चंद्रमुखी के अपने किरदार के बारे में बात करते हुए माधुरी ने इसे बेहद लेयर्ड और इमोशनली रिच बताया। उन्होंने कहा, मुझे भंसाली जी के साथ काम करके बहुत मज़ा आया। चंद्रमुखी फिल्म का एक बेहद अहम किरदार था। सिर्फ डांस मूव्स ही नहीं, बल्कि फिल्म का हर सीन कविता जैसा लगता है।
 
एक आध्यात्मिक समानता खींचते हुए अभिनेत्री ने बताया कि चंद्रमुखी की जर्नी उन्हें मीरा बाई की याद दिलाती है। माधुरी ने साझा किया, उसके भीतर एक जन्मजात मासूमियत है। वह बिल्कुल मीरा जैसी है, क्योंकि वह ऐसे इंसान से प्यार करती है जिसे वह जानती है कि वह उसे कभी वापस प्यार नहीं कर पाएगा। इसलिए हम उस पैशन को, उन छोटे-छोटे एक्सप्रेशंस को कैप्चर करना चाहते थे, जो भाषा और भावनाओं के ज़रिए सामने आते हैं। 
 
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका और भंसाली का साथ काम करने का अनुभव “बेहद खूबसूरत” रहा। अभिनेत्री ने भंसाली की बारीकी से गढ़ी गई सीक्वेंस की फिज़िकल डिमांड्स पर भी विस्तार से बात की, खासतौर पर आइकॉनिक गाने काहे छेड़ छेड़ मुझे के दौरान। उस भारी-भरकम कॉस्ट्यूम को याद करते हुए माधुरी ने बताया कि उन्होंने जो घाघरा पहना था, वह बेहद वज़नदार था। 
 
माधुरी ने कहा, वह असली वेलवेट से बना था और उस पर असली एम्ब्रॉयडरी का काम किया गया था। असली मोतियों के इस्तेमाल ने उसे और भी भारी बना दिया था। उन्होंने आगे बताया कि कॉस्ट्यूम का वज़न इतना ज़्यादा था कि जब वह घूमना बंद भी कर देती थीं, तब भी घाघरा अपने आप उनके चारों ओर घूमता रहता था।
 
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद माधुरी मानती हैं कि सारी मेहनत पूरी तरह वाजिब थी। उन्होंने कहा, जब आप उसे पर्दे पर देखते हैं डिटेल पर उनकी नज़र, हर सीन को शूट करने का तरीका तो लगता है कि यह सब कुछ करना पूरी तरह सार्थक था।
 
भंसाली की परफेक्शनिस्ट छवि और अक्सर ‘टास्कमास्टर’ कहे जाने पर बात करते हुए अभिनेत्री ने एक अलग ही तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा, लोग उन्हें टास्कमास्टर कहते हैं, लेकिन जब हम साथ काम कर रहे थे तो वह सेट पर बहुत स्वीट थे। वह बस एक ही बात कहते थे, मुझे थोड़ा सा मैजिक दे दो।
 
देवदास की रिलीज़ के दो दशक से भी ज़्यादा समय बाद, माधुरी दीक्षित की ये यादें एक बार फिर साबित करती हैं कि संजय लीला भंसाली के साथ उनकी साझेदारी क्यों भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार अभिनेता–निर्देशक जोड़ियों में गिनी जाती है। वहीं संजय लीला भंसाली इन दिनों अपनी अगली डायरेक्टोरियल फिल्म लव एंड वॉर की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसमें रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे।
 
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