केरल लिटरेचल फेस्टिवल में अभिनेता प्रकाश राज ने एआर रहमान और कंगना रनौट के बीच चल रहे विवाद पर खुलकर बात की और कंगना पर तीखा हमला बोला। Criminalising Dissent! Who Gets Locked Up for Speaking Out? नाम के सेशन में बोलते हुए प्रकाश राज ने कहा कि आज के दौर में असहमति जताने की कीमत बहुत भारी हो गई है।
प्रकाश राज ने रहमान के मामले को उदाहरण बनाते हुए बताया कि जिस शख्स के लिए देश ने “जय हो” और “मां तुझे सलाम” पर तालियां बजाईं, उसी को एक झटके में एंटी नेशनल कह देना यह दिखाता है कि सार्वजनिक बहस किस दिशा में जा रही है।
दो ऑस्कर… फिर भी एंटीनेशनल?
अपने संबोधन के दौरान प्रकाश राज ने रहमान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने उनके गानों पर जश्न मनाया, उनके लिए गर्व किया और उनकी सफलता को सेलिब्रेट किया। उन्होंने मंच से कहा कि रहमान ने बस अपनी बात कही और यह भी साफ किया कि वह किसी से काम मांगने वाले कलाकार नहीं हैं, वह उससे बहुत आगे हैं। प्रकाश राज के मुताबिक रहमान ने जो कहा, वह उनकी सच्चाई थी, लेकिन उसके बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई, वह परेशान करने वाली है।
कंगना पर निशाना, इमरजेंसी को बताया 'प्रोपेगैंडा फिल्म'
इस चर्चा में प्रकाश राज ने कंगना रनौट की प्रतिक्रिया को खास तौर पर निशाने पर लिया। उन्होंने कंगना की फिल्म इमरजेंसी का जिक्र करते हुए उसे “प्रोपेगैंडा फिल्म” बताया और कहा कि रहमान के काम करने से मना करने के बाद जिस तरह उन्हें एंटी नेशनल कहा गया, वह बेहद खतरनाक ट्रेंड है।
प्रकाश राज ने तीखे अंदाज में कहा, “देखिए कैसी यूफोरिया शुरू हो गई है… देखिए भौंकना शुरू हो गया है। एक महिला निर्देशक और अभिनेत्री सिर्फ इसलिए कि रहमान ने उनके लिए काम नहीं किया, उन्हें एंटी नेशनल कह रही हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कंगना अपनी फिल्म इमरजेंसी को क्लासिक बताती हैं, लेकिन रहमान ने उसमें काम करने से इनकार कर दिया और फिर उसके बाद का माहौल सबके सामने है।
विवाद की शुरुआत: छावा पर रहमान का बयान
दरअसल, यह पूरा विवाद तब तेज हुआ जब रहमान ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म छावा को विभाजनकारी बताया था। रहमान ने यह भी संकेत दिया था कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कुछ मौकों पर साम्प्रदायिक वजहें भी काम के अवसरों को प्रभावित कर सकती हैं। रहमान की इस टिप्पणी के बाद कई जगहों से प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें कंगना रनौत का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
कंगना का इंस्टाग्राम पोस्ट और इमरजेंसी वाला दावा
कंगना ने पोस्ट करते हुए रहमान पर तीखा आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा था कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें इसलिए पक्षपात झेलना पड़ता है क्योंकि वह “सैफ्रन पार्टी” को सपोर्ट करती हैं, लेकिन उनके मुताबिक रहमान उनसे भी ज्यादा “prejudiced” और “hateful” हैं।
कंगना ने यह भी दावा किया कि वह अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म इमरजेंसी की कहानी रहमान को सुनाना चाहती थीं, लेकिन रहमान ने उनसे मिलने से भी इनकार कर दिया। कंगना के मुताबिक उन्हें बताया गया कि रहमान “प्रोपेगैंडा फिल्म” का हिस्सा नहीं बनना चाहते। कंगना ने आगे यह भी लिखा कि इमरजेंसी को कई क्रिटिक्स ने मास्टरपीस कहा और विपक्षी नेताओं ने भी फिल्म की तारीफ की, लेकिन रहमान “नफरत” में अंधे हो गए हैं।
“असहमति को अपराध” की बहस में रहमान का उदाहरण
केरल लिटरेचर फेस्टिवल में प्रकाश राज का फोकस सिर्फ कंगना पर हमला करना नहीं था, बल्कि उस सोच पर सवाल उठाना था जिसमें किसी कलाकार की असहमति को देशद्रोह के टैग में बदल दिया जाता है। उनके मुताबिक, यह पूरा विवाद बताता है कि आज बोलने की आज़ादी और असहमति की जगह कितनी सिकुड़ती जा रही है।