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अँधेरे के खिलाफ गाँधीगिरी...
गाँधी जयंती से कोई डेढ़ माह पहले गाँधी की चर्चा लीक से कुछ हटकर महसूस हो सकती है, क्योंकि आजादी के बाद दशकों से देश में ... -
होम थियेटर का शाही अंदाज
संगीत के शौकीन अगर घर बैठकर नफासत से संगीत का मजा लेना चाहते हैं, तो ब्राविया के साथ सोनी का डीएवी- डीजेड555के होम ... -
टर्निंग पाइंट : विकास सब पर भारी
गुजरात में नरेंद्र मोदी की जीत ने सब लोगों को चौंकाया है। चौंकाया इस मायने में नहीं कि उन्हें अनपेक्षित जीत मिली है। ... -
गरीब बच्चों का अँधेरा सफर...
दिल को दहला देने वाला यह किस्सा सिर्फ सप्ताह भर पुराना है। मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की थांदला तहसील में 13 वर्षीय ... -
भूख को राक्षस बनने से रोकें
देश की आर्थिक नीतियों के सामने संपन्नाता जितनी बड़ी चुनौती है, भूख उससे कई गुना बड़ी चुनौती है। परेशानी यह है कि ... -
'ग्लोबल विजन' में मोतियाबिंद
मध्यप्रदेश के अखबारों में दो खबरें एक साथ छपीं। पहली खबर इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह से संबंधित ... -
पूँजी के पुंज का फोकस बदले
वैश्वीकरण के दौर में निजी पूँजी के बढ़ते प्रभुत्व से आशंकित लोग रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के इस कथन को ... -
चुनाव की हाँडी में खौलते मुद्दे
राजनीति के थर्मामीटर में चुनाव की हरारत बढ़ने लगी है। देश मध्यावधि चुनाव के मुहाने पर है। भारत-अमेरिका परमाणु करार के ... -
जश्न और जुनून में फर्क जरूरी
जब लोग जश्न के मूड में हों, खुशियाँ लूट रहे हों, खुशियाँ लुटा रहे हों, तब यह सवाल थोड़ा अटपटा, थोड़ा सनकी लग सकता है कि ... -
आस्थाओं की राजनीति की फाँस
राम के अस्तित्व को नकारने वाला शपथ-पत्र आग उगलने लगा है। यह राजनीति लोगों की आस्थाओं में फाँस की तरह चुभी है। -
कोडैक का एम883
सितंबर के महीने तक कोडैक अपने ग्राहकों के लिए ‘एम883’ डिजिटल कैमरे की रेंज उतार रहा है। स्लिम और स्टाइलिश बनावट वाला यह ... -
समस्याओं के बीच विकास की तलाश
माना जा सकता है कि संगठन की राजनीति से सीधे मुख्यमंत्री बने शिवराजसिंह चौहान की नजरें सालभर में पैनी हुई हैं। ग्लोबल ... -
कोई मजहब नहीं होता पसीने का
इस वक्त हमारे देश में दो चीजें बड़े कमाल की चल रही हैं। पहली राजनीति और दूसरी मीडिया। दोनों इतने बड़े करतबबाज हैं कि ... -
शोर-शराबे की मंडी बनी लोकसभा
स्पीकर के रूप में लोकसभा का संचालन सोमनाथ चटर्जी के राजनीतिक जीवन की सबसे अवसाद भरी भूमिका है। लोकतंत्र की गरिमा के लिए ... -
दस जनपथ विचलित क्यों...
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुनसिंह ने यह कहकर जैसे कोई गुनाह कर दिया है कि कांग्रेस में निर्णय की प्रक्रिया ... -
गृह सचिव राजौरा का इस्तीफा
मध्यप्रदेश के राजनेताओं और अधिकारियों से जुड़े रिश्तेदारों के यहाँ पड़े आयकर के छापों से सभी सन्नाटे में हैं। सन्नाटे में ... -
मीडिया के साथ आदिम-सलूक
प्रिंट मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े हर शख्स के लिए यह बड़ी खुश खबर है कि हिन्दुस्तान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा न्यूज पेपर ... -
निगहबान सवालों के घेरे में
मध्यप्रदेश के लोकायुक्त रिपुसूदन दयाल इन दिनों 'पब्लिक स्क्रीन' पर हैं, लेकिन स्क्रीन का फलक सिर्फ उनके चेहरे तक ही ... -
विश्वास सलीब पर
यह संभव नहीं है कि मनमोहनसिंह सरकार द्वारा प्रस्तुत विश्वास मत पर बहस के दौरान मंगलवार को संसद में राजनीति का जो नंगा ... -
सत्ता को खेरची धंधा न बनने दें
मतदाताओं के माथे इस मर्तबा ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है। यह उनकी परिपक्वता पर सवाल नहीं है, बल्कि उस बहुआयामी चुनौतियों की ...