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काम करेगा फिल्मी आइडिया?
मध्यप्रदेश सरकार ने अपने नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए अपने ढंग की पहली वेबसाइट लाँच की है। इसके ज़रिए ... -
अजब तरह का गड़बड़झाला
मुंबइया अवॉर्ड समारोहों पर यह आरोप आम है कि इनमें केवल व्यावसायिक सिनेमा को ही जगह मिलती है। अभी स्टार स्क्रीन अवॉर्ड ... -
कृष्ण का एक और अवतार
आमिर और शाहरुख में यह फर्क है कि आमिर ने विविध भूमिकाएँ निभाई है और सफलता पाई है। इसके विपरीत शाहरुख ने लवर बॉय के ... -
वो पुराने पेंटर
इन पेंटरों में कुछ विशेषज्ञ हुआ करते थे। कोई पेंटर वहीदा रहमान का स्पेशलिस्ट होता, तो कोई राजेंद्र कुमार का। कोई राज ... -
ईरानी डिश में भारतीय गरम मसाला
विश्वविख्यात फिल्मकार माजिद मजीदी की फिल्म "चिल्ड्रेन ऑफ हैवन" को प्रियदर्शन हिन्दी में बना रहे हैं। इस महान ईरानी ... -
सलमान खान अब 'कलमवीर'
सलमान खान ने कहानी सोची है और उस पर फिल्म बना रहे हैं "गदर" वाले अनिल शर्मा। कहानी राजा-महाराजाओं की है। फिल्म का नाम ... -
एक थी रानी एक है राजा
एकता कपूर अपने भाई तुषार कपूर की स्टार बनने की यथासंभव मदद कर रही हैं, लेकिन रानी मुखर्जी इस मामले में उदासीन है। उनके ... -
झाँसी की एक और रानी
मुंबई के पनवेल स्थित सूर्या फार्म हाउस में इन दिनों "झाँसी की रानी" की शूटिंग चल रही है। मगर यह फिल्म वह नहीं जिसमें ... -
घटना के मसाले से फिल्म बनाना
फिल्मों की व्यावसायिक पत्रिका में एक फिल्म का विज्ञापन छपा है। फिल्म का नाम है "आरडीएक्स।" विज्ञापन में मुंबई की पहचान ... -
ख्वाबों की फेहरिस्त
औरत क्या चाहती है, यही इस फिल्म में बताया गया है और क्या नहीं चाहती यह भी। "मेरे ख्वाबों में जो आए" मधुरिता आनंद की ... -
काम से ही रोशन होता है नाम
स्क्रिप्ट पढ़कर फिल्में साइन करना कैसा होता है, इसके एक उदाहरण अभय देओल हैं जिनकी फिल्म "देव डी" को टाइम्स ऑफ इंडिया के ... -
प्रकाश झा : अंपायर का बैट उठा लेना
राजनीति पर लगातार फिल्में बना रहे प्रकाश झा का चुनाव लड़ने का ऐलान ऐसा है, जैसे कोई अंपायर कहे कि अब मैं भी बैटिंग ... -
चला चली की बेला में
याद रखना तू बुलंदी पे पहुँचकर आतिश/ ये जो ज़ीने हैं, उतरने के लिए होते हैं। खलील आतिश का ये शेर गोविंदा पर मौजूँ है, ... -
आपबीती की नाकाम जुगाड़
फिल्म को निर्देशक का माध्यम कहा ही इसलिए जाता है कि इसमें अच्छे से अच्छे कलाकार को भी बुरा निर्देशक चौपट कर सकता है और ... -
गुमनामी से डरे हुए लोग
संगीतकार श्रवण का ने पिछले दिनों एक फिल्म बनाई थी। फिल्म का नाम था "काश मेरे होते"। यह फिल्म केवल १६० सिनेमाघरों में ही ... -
मैडोना का इंकार
परंपरावादी सोच रखने वाले लोगों के लिए तो पचास साल की पॉप स्टार मैडोना खलनायिका ही हैं, पर क्या नारी विमर्श के नाम पर ... -
एक सीन की खातिर
फिल्म और टीवी सीरियल में छोटे रोल करने वाले शौकिया लोग भरम में जीते हैं। उन्हें भरम रहता है कि जब फिल्म लगेगी या सीरियल ... -
महिमामंडन ही क्यों, महिमाखंडन क्यों नहीं?
देवानंद पर फिल्माया वो गाना किसने नहीं सुना..."मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुएँ में उड़ाता चला ... -
ससुराल गेंदा फूल...
अनारकली शब्द का तो फिर भी कोई अर्थ होता है, पर मसककली और मटककली जैसे शब्द केवल धुन में शब्द भरने के लिए रचे गए हैं और ... -
इन पर कई ऑस्कर कुर्बान
भारतीय फिल्मों को उनके संगीत के लिए भी जाना जाता है। कई ऐसी फिल्में हैं जिनको गानों की ही वजह से पहचान मिली। सो, रहमान ...
