sundarkand

Astrology Zodiac Libra Mrg.htm

Thu, 5 Nov 2026

Notifications

तुला तुला
विवाह और दांपत्य जीवन

इस राशि की स्त्री को पति तथा पुरुष को पत्नी भाग्यशाली मिलती है। स्त्री के कहने में चलने से इनका जीवन सुखी बन सकता है। स्वप्न अधिक आते हैं। एक संतान भाग्यशाली होती है। तुला राशि वाले को एक ऐसा आश्वस्त करने वाले जीवनसाथी की आवश्यकता होती है, जो उसकी प्रकृति और योजनाओं को समझ सके। तुला राशि वाला अपने जीवनसाथी में सुधार लाने का प्रयत्न करते हैं। इनके एकाधिक विवाह तथा वियोगों की संभावनाएं भी रहती हैं। इनकी मिथुन तथा कुंभ राशि वालों से अधिक तथा सिंह राशि वालों से कम पटती है। इनके जीवन में विवाह का बहुत महत्व होता है। इस राशि वालों का विवाह प्रायः छोटी आयु में हो जाया करता है। सामाजिक बंधनों के कारण इन्हें प्रेम संबंधों में प्रायः असफलता ही मिलती है। तुला राशि का स्वामी शुक्र है। इस राशि में जन्म लेने वाला व्यक्ति सहयोग, प्रेम, विवाह, साझेदारी तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का प्रयत्न करता है। फिर भी उसके सहायक कम ही होते हैं।

Diwali Puja Rules: दिवाली पूजा में लक्ष्मी जी की आरती करें या नहीं? जानें क्या कहते हैं ज्योतिष और शास्त्र

क्‍यों की जाती है गोवर्धन पूजा? श्रीकृष्ण और गायों का पूजन से क्‍या है संबंध?

क्‍यों की जाती है गोवर्धन पूजा? श्रीकृष्ण और गायों का पूजन से क्‍या है संबंध?Govardhan Puja 2026: हिंदू धर्म में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण, प्रकृति, गौमाता और अन्न के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन स्वरूप की पूजा की जाती है। घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय को सुख, समृद्धि, पोषण और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं क्‍यों की जाती है गोवर्धन पूजा? गोवर्धन पूजा से भगवान श्रीकृष्‍ण और गायों का क्‍या है संबंध?