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Rahu guru yog: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

Shad ashtaka Yoga of Rahu and Jupiter
वर्तमान में धन, ज्ञान और भाग्य के कारक गुरु (बृहस्पति) और मायावी ग्रह राहु के बीच यह स्थिति बन रही है। चूंकि छठा भाव रोग, ऋण, शत्रु का है और आठवां भाव संकट, अचानक बदलाव व आयु का है, इसलिए इस योग के कारण वैश्विक स्तर और सभी राशियों के जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि राहु और गुरु का यह षडाष्टक योग सभी 12 राशियों पर क्या असर डालेगा।

षडाष्टक योग क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र में षडाष्टक योग को एक बेहद संवेदनशील और संघर्ष पैदा करने वाला योग माना जाता है। जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे (6th) और आठवें (8th) भाव में स्थित होते हैं, तो इस स्थिति को षडाष्टक योग कहते हैं।
 

मेष राशि (Aries)

यह योग आपके लिए मिले-जुले परिणाम लाएगा। कार्यक्षेत्र में अचानक ज़िम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
प्रभाव: आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव रहेगा। कोई भी बड़ा निवेश सोच-समझकर करें।
सलाह: शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को गुप्त रखें।

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, विशेषकर सेहत के मामले में।
प्रभाव: बनते हुए कामों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं। प्रेम संबंधों या वैवाहिक जीवन में वैचारिक मतभेद संभव हैं।
सलाह: खान-पान का ध्यान रखें और वाद-विवाद से दूर रहें।
 

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में बदलाव के संकेत दे रहा है।
प्रभाव: नौकरीपेशा लोगों का ट्रांसफर या स्थान परिवर्तन हो सकता है। आर्थिक रूप से खर्चों में बढ़ोतरी होगी।
सलाह: बजट बनाकर चलें और लोन या कर्ज़ लेने से बचें।
 

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि वालों के लिए यह योग मानसिक तनाव बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
प्रभाव: निर्णय लेने में भ्रम (Confusion) की स्थिति पैदा होगी। संतान पक्ष को लेकर कोई चिंता रह सकती है।
सलाह: महत्वपूर्ण फैसले कुछ समय के लिए टाल दें और बड़ों की सलाह लें।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि के जातकों को पारिवारिक और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी।
प्रभाव: माता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। घर में अकारण कलह या तनाव का माहौल बन सकता है।
सलाह: कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें।
 

कन्या राशि (Virgo)

आपके लिए यह समय मिला-जुला रहेगा। पराक्रम में वृद्धि होगी, लेकिन भाइयों या मित्रों से अनबन हो सकती है।
प्रभाव: छोटी दूरी की यात्राएं अधिक करनी पड़ सकती हैं, जिससे थकान होगी। कम्यूनिकेशन गैप के कारण काम बिगड़ सकते हैं।
सलाह: बोलते समय अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें।
 

तुला राशि (Libra)

तुला राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक मोर्चे पर सचेत रहने की चेतावनी दे रहा है।
प्रभाव: संचित धन (Savings) अचानक खर्च हो सकता है। वाणी में कठोरता आने से करीबी रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं।
सलाह: पैसों के लेन-देन में लिखा-पढ़ी ज़रूर करें और आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

यह योग सीधे आपकी राशि और मानसिक स्थिति को प्रभावित करेगा।
प्रभाव: स्वभाव में चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ सकता है। सेहत में उतार-चढ़ाव (विशेषकर पेट या सिरदर्द) की समस्या हो सकती है।
सलाह: रोज़ाना योग या ध्यान करें और गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें।
 

धनु राशि (Sagittarius)

चूंकि गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस योग का प्रभाव आपके खर्चों और सेहत पर पड़ेगा।
प्रभाव: कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में धन खर्च हो सकता है। नींद न आने या मानसिक बेचैनी की समस्या रह सकती है।
सलाह: विदेशी व्यापार या विदेशी स्रोतों से लाभ की संभावना है, लेकिन निवेश में सावधानी रखें।
 

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक लाभ तो कराएगा, लेकिन उसके साथ ही कुछ चिंताएं भी लाएगा।
प्रभाव: आय के नए स्रोत बनेंगे, लेकिन बड़े भाई-बहनों या मित्रों के साथ मतभेद हो सकते हैं।
सलाह: अपनी इच्छाओं पर थोड़ा नियंत्रण रखें और शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश न करें।
 

कुंभ राशि (Aquarius)

आपके करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के भाव में इस योग का असर दिखेगा।
प्रभाव: कार्यक्षेत्र में राजनीति (Office Politics) का शिकार होना पड़ सकता है। नौकरी बदलने का विचार मन में आएगा।
सलाह: बॉस या उच्च अधिकारियों के साथ बहस करने से बचें और अपने काम पर फोकस करें।

मीन राशि (Pisces)

मीन राशि के स्वामी भी गुरु हैं, इसलिए भाग्य भाव में बनने वाला यह योग आपकी धार्मिक आस्था और लंबी यात्राओं को प्रभावित करेगा।
प्रभाव: कार्यों में मनमुताबिक सफलता मिलने में देरी हो सकती है। पिता की सेहत को लेकर चिंता बनी रहेगी।
सलाह: भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कर्म पर भरोसा करें।
 

इस योग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय:

गुरु के लिए: रोज़ाना माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु की आराधना करें।
राहु के लिए: पक्षियों को सतनाजा (सात प्रकार का अनाज) खिलाएं और शनिवार के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप या शिव चालीसा का पाठ करें।
क्या आप अपनी राशि के अनुसार करियर, आर्थिक स्थिति या स्वास्थ्य में से किसी विशेष क्षेत्र पर इस योग का प्रभाव विस्तार से जानना चाहते हैं?
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वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
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