सम्बंधित जानकारी
- शनिवार को क्यों नहीं खरीदते हैं यह 10 तरह की चीजें...
- शनिवार के दिन यह 3 दिख जाएं तो समझो किस्मत चमकने वाली है ...
- शनि की पूजा में रखें यह 6 अत्यंत जरूरी सावधानियां, वरना... हो सकता है बड़ा नुकसान
- आखिर क्यों नहीं खरीदते शनिवार को जूते-चप्पल, क्या राज है शनिदेव और जूते-चप्पल का...
- 19 जनवरी 2019 से शनि उदय, शुभ कार्यों में आएगी गति... मेहनत करने वालों को मिलेगा शुभ फल
शनिदेव के यह 5 मंत्र, करेंगे हर कष्टों का अंत
यूं तो शनि दोष निवारण के लिए नित्य भगवान् शिव के पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जप करना चाहिए तथा महामृत्युंजय मंत्र- 'ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' का जप भी शुभ होता है। यहां प्रस्तुत है शनिदेव के 5 चमत्कारी मंत्र जिन्हें शनिवार के दिन या शनि जयंती पर पढ़ने से हर कष्टों का अंत होता है।
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
मंत्र- ॐ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या करवाएं।
किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या करवाएं।
शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
ALSO READ: क्या और कैसी होती है शनि की साढ़ेसाती?
