शनि ग्रह 17 मई 2026 रविवार को दोपहर 03:49 बजे उत्तर भाद्रपद नक्षत्र से निकलकर रेवती नक्षत्र में गोचर करेंगे जहां वे 9 अक्टूबर तक रहेंगे। इस दौरान 5 राशियों को सतर्क रहना होगा और शनि के प्रकोप से बचने के लिए या शनि दोष से बचने के लिए मात्र 3 उपाय करने से मिलेगी राहत। चलिए जानते हैं कि आपकी राशि तो नहीं है इस लिस्ट में।
1. मेष राशि (Aries)
शनि का यह गोचर आपके खर्चों में बेतहाशा वृद्धि कर सकता है।
नुकसान: कार्य में बदलाव हो सकता है। साढ़ेसाती का नकारात्मक प्रभाव सक्रिय होगा। कार्यक्षेत्र में सावधानी से कार्य करें।
सावधानी: निवेश करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें, वर्ना पैसा डूब सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है।
2. सिंह राशि (Leo)
शनि का यह गोचर आपके खर्चों में बेतहाशा वृद्धि कर सकता है और यह नौकरी में परिवर्तन के योग भी बना रहा है।
नुकसान: कार्य में बदलाव हो सकता है। यदि कारोबारी हैं तो सोच समझकर कार्य करें।
सावधानी: आपको अपने कार्य क्षेत्र और रिश्तों को लेकर जिम्मेदार रहने की जरूरत है।
3. कर्क राशि (Cancer)
शनि का यह नक्षत्र मानसिक तनाव बढ़ा सकता है या सिरदर्द को लेकर आप परेशान रह सकते हैं।
नुकसान: जातकों को स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि काम में रुकावटें आ सकती।
सावधानी: जातक अपनी वाणी पर संयम रखकर कार्य में लापरवाही न बरतें। फिर से काम करने की जरूरत है।
4. कुंभ राशि (Aquarius)
शनि के रेवती में जाने से कार्यक्षेत्र में नकारात्मक प्रभाव रहेगा। पैसे का नुकसान नहीं होगा लेकिन परिवार में मनमुटाव हो सकता है।
नुकसान: नौकरी या व्यापार में बदलाव हो सकता है। बेहतर होगा संयम से काम में।
सावधानी: अपने व्यपार और रिश्तों को लेकर सतर्कता से काम लें।
5. मीन राशि (Pisces)
चूंकि रेवती नक्षत्र मीन राशि में ही आता है और आप पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है, इसलिए प्रभाव गहरा होगा।
नुकसान: मानसिक तनाव और अज्ञात भय बना रहेगा। बनते हुए कामों में आखिरी समय पर रुकावट आ सकती है।
सावधानी: धैर्य न खोएं और कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला जल्दबाजी में न लें।
उपाय:
1. शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार के दिन छाया पात्र दान करें
2. पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक जलाएं
3. नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें।