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उम्र बढ़ाने और सदा जवान बने रहने के लिए आजमाएं 5 तरीके

सोमवार,मई 2, 2022
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प्रात: काल व्यक्ति जाग पहले जाता है, लेकिन आंखें बाद में खोलता और आंखें खुलने के साथ ही धीरे-धीरे मस्तिष्क भी जागने लगता है। यह इसी तरह होता है जिस तरह की धीरे-धीरे सूर्योदय होता है, उसके पहले ही उजाला हो जाता है। आयुर्वेद और धर्मशास्त्र कहते हैं कि ...
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आजकल योग पर प्रचलन बढ़ गया है। फिल्म स्टार से लेकर आम लोगों तक योग की लोकप्रियता बढ़ी है। वर्तमान में योग के सबसे बड़े शिक्षक बाबा रामदेव हैं। योग वैसे तो वृहत्तर विषय है जिसमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारण, ध्यान, क्रिया योग, मुद्रा ...
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अखड़ों की जगह आजकल जिम का प्रचलन हो चला है। सवाल यह उठता है कि जिम की कसरत करना सही है या योग की? दोनों में अंतर क्या है और क्या होता है फायदा या नुकसान। जानिए कुछ खास 10 बातें।
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योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। इन आठ विधियों का महत्व है। परंतु प्रचलन में आसन, प्राणायाम और ध्यान ही है। उक्त तीनों के माध्यम से शरीर को आप इन निम्नलि‍खित कष्टों से बचाकर रखें।
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने यह दावा कर एक और विवाद खड़ा कर दिया कि योग का उद्भव भारत में नहीं बल्कि उनके देश में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि वास्तव में योग की उत्पत्ति उत्तराखंड से हुई थी और उस समय उत्तराखंड वर्तमान भारत में नहीं बल्कि ...
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एक युवती हिप्नोटिज्म की गहरी अवस्था में सम्मोहनकर्ता के सामने बैठी थी। सम्मोहनकर्ता धीर-गंभीर लहजे में उसे निर्देश दे रहा था। उसने एक पेंसिल के सिरे पर रबर लगाकर कहा कि यह अंगारे की तरह दहक रहा है। यह अंगारे की तरह लाल है। फिर सम्मोहनकर्ता ने उस ...
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योग को अपनाने से आपका जीवन बदल सकता है। योग सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता भी देता है। दोनों ही बातों से ही जीवन में सफलता के रास्ते खुल जाते हैं। आओ जानते हैं योग के ऐसे 5 सूत्र जिन्हें अपनाने से आपका जीवन बदल सकता है।
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आज विश्व योग दिवस है। जानें कैसे हुई विश्व योग दिवस की शुरुआत। पढ़ें योग से संबंधित विशेष सामग्री एक ही स्थान पर...
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सिर्फ वेबदुनिया पर... योग मुद्राओं के आकर्षक और उत्कृष्ट सामग्री। 21 जून को हमारे यानी वेबदुनिया के साथ मनाइए विश्व योग दिवस। हम लेकर आए हैं योग दिवस के साथ योग का इतिहास, परम्परा और विशेष आलेख....
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योग के प्रचलन के इतिहास को हम दो भागों में विभक्त कर सकते हैं पहला हिन्दू परंपरा से प्राप्त इतिहास और दूसरा शोध पर आधारित इतिहास। योग का इतिहास बहुत ही वृहद है हमनें इसे यहां पर संक्षिप्त रूप से लिखा है। कहते हैं कि भारत में योग लगभग 15 हजार वर्षों ...
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हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। यह दिवस संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है। इस अवसर पर विश्‍वभर में लाखों लोग एक साथ योग करके सेहतमंद बने रहने और शांति का संदेश देते हैं। योग दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई जानिए ...
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21 जून 2021 को विश्व योग दिवस मनाया जाएगा। पहले हमने बताया था कि 84 योगासन होते हैं परंतु योग कितने प्रकार के होते हैं? आओ जानते हैं इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी।
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कोविड 19 कोरोना वायरस के चलते भारत में 25 मार्च 2020 को लॉकडाउन लगा दिया गया था जो 31 मई 2020 तक चला और फिर चरणों में अनलॉक की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इसके बाद अप्रैल 2021 में पुन: चरणों में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ और अब पुन: जून से अनलॉक प्रक्रिया ...
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नियमित रूप से योगासन, प्राणायाम, ध्यान और योग क्रियाएं करते रहने से आपके जीवन पर 10 तरह के प्रभाव पड़ते हैं। आओ जानते हैं कौनसे हैं वे प्रभाव...
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21 जून 2021 को विश्व योग दिवस मनाया जाएगा। योगासन में आसन क्या है, आसन किसे कहते हैं, योगासनों का मुख्य उद्येश्य क्या है, आसन और व्यायाम में फर्क क्या है और यह कितने प्रकार के होते हैं, जानिए योगा डे पर इन सभी को संक्षिप्त रूप में।
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21 जून 2021 को विश्‍व योगा दिवस है। करोनावायरस के संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन में बहुतों ने घर में ही योग करना प्रारंभ करके खुद को महामारी से बचाए रखा। यदि आपने अब तक योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा नहीं बनाया है तो योग दिवस से नियम बनाएं और रोज ...
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'योग : दि अल्‍फा एंड दि ओमेगा' शीर्षक से ओशो द्वारा अंग्रेजी में दिए गए 100 अमृत प्रवचनों को पढ़ना बहुत ही अद्भुत है। उन्होंने कहा कि जैसे बाहरी विज्ञान की दुनिया में आइंस्टीन का नाम सर्वोपरि है, वैसे ही भीतरी विज्ञान की दुनिया के आइंस्टीन हैं ...
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भारतीय योग की परंपरा भगवान शंकर, दत्तात्रेय से लेकर ऋषि भारद्वाज मुनि, वशिष्ठ मुनि और पराशर मुनि तक प्रचलित रही। फिर योगेश्वर श्रीकृष्ण से लेकर गौतम बुद्ध और पतंजलि, आदि शंकराचार्य, गुरु मत्स्येंद्रनाथ और गुरु गोरखनाथ तक अनवरत चलती रही। इसके बाद ...
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कहते हैं कि जहां गंदगी होती है वहां पर ही वायरस और बैक्टीरिया पनपते हैं। अत: कोरोना काल में साफ-सफाई के साथ ही शरीर और मन की शुद्धि का भी महत्व बढ़ गया है। आओ जानते हैं कि स्नान के कितने प्रकार हैं और यह कैसे किया जाता है। यहां मुख्‍यत: दो तरह के ही ...
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योग के दूसरे अंग 'नियम' के उपांगों के अंतर्गत प्रथम 'शौच' का उल्लेख मिलता है। शौच के अभाव के चलते शरीर और मन रोग और शोक से ग्रस्त हो जाता है और व्यक्ति मृत्यु के करीब पहुंच जाता है। शौच का अर्थ शरीर और मन की बाहरी और आंतरिक शुद्धि और पवित्रता से है। ...
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कोरोना महामारी का दौर जारी है। बल्कि कोरोना की यह दूसरी वेव पहले से भी काफी भयानक साबित हो रही है। एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर पूरा परिवार इससे संक्रमित हो रहा है।
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वर्तमानकाल में अधिकतर लोगों की सोच नकारात्मक हो चली है। इसके पीछे कई राजनीतिक, सामाजिक और रहन-सहन में परिवर्तन के कारण भी हो सकते हैं। यह भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति बचपन से ही गलत लोगों के साथ रहा हो या बाद में उसकी संगति गलत लोगों की हो गई हो। कई ...
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कोराना से जंग में मन की शक्ति का होना बहुत जरूरी है। ऐसे कई लोग हैं जो कोराना मरिज से मिले और फिर भी उन्हें कोरोना नहीं हुआ। ऐसे भी कई लोग हैं जिन्हें कोरोना हो गया और वे 4 दिन में या 7 दिन में ठीक हो गए। यह सब मन का खेल है परंतु आप सोचेगे ऐसा कैसे ...
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प्रचलित भाषा में इसे हवाखोरी कहते हैं। इसका अर्थ है बगैर खाए-पीए वर्षों तक रहना। हालांकि इसका अर्थ टहलना भी होता है। आखिर ऐसा कैसा संभव हो सकता है। कोई व्यक्ति किस तरह बगैर खाए पीए जिंदा रह सकता है?
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हिमालय में कुछ ऐसी जगहें हैं जहां पर शून्य से 45 डीग्री से भी नीचे तापमान रहता है फिर भी वहां पर निर्वस्त्र रूप से रहकर साधुओं को तप करते देखे जाने की घटना से भारतीय सैकिन वाकिफ है। एक ओर जहां पर भारतीय सैनिक खून को जमा देवे और हाड़ कपा देने वाली ...
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कुछ वर्ष पूर्व आर्काइव्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित शोध के परिणाम के अनुसार लंबी उम्र के लिए हमारे जीन सिर्फ 30 प्रतिशत तक जिम्मेदार होते हैं बाकी का काम तो जीवन शैली करती है। कोरोनाकाल में हमारी लाइफ स्टाइल पूरी तरह से बदल गई है।
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योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुंचना कठिन होगा। इस सांसार में दो मार्ग है सांसारिक रहकर श्रेष्ठ जीवन जिना और दूसरा संन्यासी बनकर मोक्ष की ओर गमन करना। ...
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आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार मनुष्य की आयु लगभग 120 वर्ष बताई गई है लेकिन वह अपने योगबल से लगभग 150 वर्षों से ज्यादा जी सकता है। कहते हैं कि प्राचीन मानव की सामान्य उम्र 300 से 400 वर्ष हुआ करती थी, क्योंकि तब धरती का वातावरण व्यक्ति को उक्त काल तक ...
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हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत कब से हुई जानिए संक्षिप्त में कुछ खास।
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योग का वर्णन वेदों में, फिर उपनिषदों में और फिर गीता में मिलता है, लेकिन पतंजलि और गुरु गोरखनाथ ने योग के बिखरे हुए ज्ञान को व्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध किया। योग हिन्दू धर्म के छह दर्शनों में से एक है। ये छह दर्शन हैं- 1.न्याय 2.वैशेषिक 3.मीमांसा ...
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आधुनिक दौर में अस्पताल के खर्चे, दवाओं के साइड इफेक्ट और भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव, अवसाद और निराशा ने व्यक्ति के जीवन को यंत्रवत और बस काटने वाला बना दिया है। अनियमित जीवन शैली से मन और शरीर में संताप बने रहते हैं। रात में नींद अच्छे से नहीं आती ...
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योग का उद्भव भारत से ही माना जाता है। भारत में योग का इतिहास लगभग 2000 वर्ष पुराना बताया गया है। भार‍त में स्‍वामी विवेकानंद ने योग की शुरुआत बहुत पहले कर दी थी
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