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उषा देवी ने किराने की दुकान से बदली अपनी जिंदगी, 130 महिलाओं को भी दिखाई राह

योगी सरकार की योजनाओं से आत्मनिर्भर बनीं उषा देवी, स्वयं सहायता समूह से मिली नई पहचान

Usha Devi success story
Usha Devi success story: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाएं आज स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक के नाहरपुर गांव की रहने वाली उषा देवी की कहानी भी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है, जिन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि गांव की सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।

पड़ोसी गांव की महिलाओं से मिली प्रेरणा

उषा देवी बताती हैं कि करीब चार वर्ष पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। घर के खर्चों को पूरा करने में कठिनाई होती थी और आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। इसी दौरान उन्हें पड़ोसी गांव की महिलाओं से स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी मिली। उन महिलाओं ने उषा देवी को समूह से जुड़ने और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उषा देवी ने इस अवसर को अपने जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बनाया और स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम किया।

1.50 लाख रुपए के ऋण से मजबूत हुआ कारोबार

उषा देवी बताती हैं कि जुलाई 2022 में उन्हें स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लगभग 1.50 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह आर्थिक सहायता उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इस राशि की मदद से उन्होंने अपनी किराने की दुकान को और मजबूत किया तथा व्यवसाय को विस्तार दिया। आज उनकी दुकान गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा कर रही है और परिवार के लिए नियमित आय का स्रोत बन चुकी है। उषा देवी पिछले चार वर्षों से अपनी दुकान का सफल संचालन कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने परिवार की आर्थिक स्थिति को पहले की तुलना में काफी बेहतर बना दिया है।

130 महिलाओं को मिला मंच, गांव में बढ़ रही आत्मनिर्भरता की ताकत

उषा देवी वर्तमान में समूह सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में कुल 9 स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं. इनसे लगभग 130 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार कार्य कर रही हैं। कोई बकरी पालन कर रही है, कोई गाय पालन, कोई मुर्गी पालन, तो कोई सिलाई, कढ़ाई और छोटे व्यापार के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही है। स्वयं सहायता समूहों ने गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में नई पहचान भी दिलाई है।

योगी सरकार की योजनाओं ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास

उषा देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। पहले जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, वे आज अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। स्वयं सहायता समूहों ने गांव की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया है।

ग्रामीण महिलाओं को नई दिशा दे रहा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मिशन के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर बचत, ऋण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। गोरखपुर की उषा देवी की सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं जब सही लाभार्थियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं बल्कि जीवन बदलने का माध्यम बनती हैं। आज उषा देवी न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने साथ सैकड़ों महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रही हैं।
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