अयोध्या में सरयू खतरे के निशान के ऊपर, प्रभावितों को सरकार से मिली मदद
Saryu River Water Level: अयोध्या में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर खतरे के निशान (92.730 मीटर) से ऊपर दर्ज किए जाने के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन की पूर्व तैयारी के चलते बाढ़ की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। नदी का वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से 0.310 मीटर ऊपर (93.040 मीटर) है, जो 2009 के सर्वकालिक उच्चतम स्तर (94.010 मीटर) की तुलना में काफी कम है।
बाढ़ नियंत्रण एवं राहत कार्यों की मुख्य झलकियां
- सुरक्षित तटबंध : रौनाही (14.550 किमी), अयोध्या-बिल्वहरि घाट (13.140 किमी) और तमसा नदी पर गोसाईंगंज (5.340 किमी) तटबंधों की नियमित मरम्मत से बड़े नुकसान से बचा गया। शहरी क्षेत्रों में जलभराव या फसल क्षति की कोई सूचना नहीं है।
- प्रभावित क्षेत्र: वर्तमान में जिले के 11 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं (तहसील सदर के 4, सोहावल का 1 और रुदौली के 6 ग्राम)।
- राहत किट एवं सामग्री वितरण : प्रभावित परिवारों तक 2,370 बाढ़ राहत किट (सदर : 1,500, रुदौली : 645, सोहावल : 225), 1450 लंच पैकेट और पशुओं के लिए 350 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।
बाढ़ को ध्यान में रखते हुए कुल 14 बाढ़ शेल्टरहोम चिन्हित हैं। सहारा बाग (सोहावल) स्थित शेल्टरहोम में 100 प्रभावित व्यक्ति रह रहे हैं। निगरानी के लिए 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं और 18 नावों का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की 37 टीमों ने 1224 ओआरएस पैकेट और 2912 क्लोरीन टैबलेट बांटे हैं। पशु चिकित्सा की 21 टीमें पशु टीकाकरण और उपचार में जुटी हैं।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार प्रशासनिक सतर्कता और विभागों के समन्वय से स्थिति सामान्य है। उप जिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर के अधिकारी लगातार क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं और राहत कार्य निर्बाध जारी हैं।

