आरक्षण मामले में गरमाई यूपी की सियासत, सीएम योगी बोले- पहले आरक्षण फिर चुनाव
लखनऊ। योगी सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के बगैर आरक्षण नगर निकाय चुनाव के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओबीसी आरक्षण देने के बाद ही निकाय चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार ओबीसी आरक्षण के लिए आयोग का गठन कर ट्रिपल टेस्ट के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों को आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसके बाद ही निकाय चुनाव कराए जाएंगे। अगर जरूरी हुआ तो सरकार हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आज आरक्षण विरोधी भाजपा निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के विषय पर घड़ियाली सहानुभूति दिखा रही है। आज भाजपा ने पिछड़ों के आरक्षण का हक छीना है,कल भाजपा बाबा साहब द्वारा दिए गये दलितों का आरक्षण भी छीन लेगी। आरक्षण को बचाने की लड़ाई में पिछडों व दलितों से सपा का साथ देने की अपील है।
आज आरक्षण विरोधी भाजपा निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के विषय पर घड़ियाली सहानुभूति दिखा रही है। आज भाजपा ने पिछड़ों के आरक्षण का हक़ छीना है,कल भाजपा बाबा साहब द्वारा दिए गये दलितों का आरक्षण भी छीन लेगी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 27, 2022
आरक्षण को बचाने की लड़ाई में पिछडों व दलितों से सपा का साथ देने की अपील है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने निकाय चुनावों के लिए 5 दिसम्बर को जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया है और बिना ओबीसी आरक्षण के निकाय चुनावों को कराने के आदेश दिए हैं।
