बच्चों के पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव, फीस बढ़ी; अब सिर्फ इतने साल तक होगी वैधता
Children Passport New Rules: भारत सरकार ने बच्चों के पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों को मिलने वाला साधारण पासपोर्ट पूरे 10 साल के बजाय केवल 5 साल या बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) ही वैध माना जाएगा।
यह बदलाव 'पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026' के तहत किया गया है, जिसे हाल ही में भारत के राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशित कर दिया गया है। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं।
पासपोर्ट फीस में भी हुआ है संशोधन
सरकार ने हाल ही में पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के शुल्कों में भी बढ़ोतरी की है, जिसके मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
बच्चों के पासपोर्ट की फीस: नाबालिगों (18 वर्ष से कम उम्र) के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी (सामान्य) पासपोर्ट की फीस अब 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दी गई है। वहीं, तत्काल श्रेणी में यह फीस 3,000 रुपये से बढ़कर 4,250 रुपये हो गई है।
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को छूट: राहत की बात यह है कि 8 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदन पर 10% की छूट का नियम जारी रहेगा। हालांकि, यह छूट केवल नए आवेदनों पर लागू होगी, पासपोर्ट दोबारा बनवाने (Re-issue) पर नहीं।
वयस्कों के लिए सामान्य पासपोर्ट: वयस्कों के लिए 36 पन्नों वाले नए पासपोर्ट या नवीनीकरण की सामान्य फीस 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये और 60 पन्नों वाले पासपोर्ट की फीस 2,000 रुपये से बढ़कर 3,500 रुपये हो गई है।
तत्काल सेवा शुल्क: तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट की फीस 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये और 60 पन्नों वाले पासपोर्ट की फीस 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है।
यदि आप या आपके परिवार में कोई नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहा है, तो आवेदन करने से पहले इन संशोधित शुल्कों और वैधता नियमों को जरूर ध्यान में रखें।

