यूक्रेन में तेज़ होते रूसी हमलों के बीच, संयुक्त राष्ट्र ने 2026 के लिए 2.3 अरब डॉलर की मानवीय सहायता अपील जारी की है। इसका उद्देश्य देश के 41 लाख सबसे अधिक ज़रूरतमन्द लोगों तक मदद पहुंचाना है। फ़रवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू किए जाने के बाद से, संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार सरकार के साथ मिलकर ज़रूरतमन्द लोगों की मदद कर रहे हैं। इसमें वे शहरी नागरिक शामिल हैं जो अब भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना कर रहे हैं। साथ ही अग्रिम मोर्चे के पास रहने वाले समुदाय व सुरक्षित इलाक़ों में पहुंचाए गए लोग भी शामिल हैं।
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख मैथियास श्माले ने बताया कि इस अपील का ध्यान उन आन्तरिक रूप से विस्थापित लोगों पर है, जो पिछले दो-तीन वर्षों से सामूहिक आश्रय स्थलों में रह रहे हैं। उन्होंने बुज़ुर्गों और सीमित गतिशीलता वाले लोगों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
मीडिया रिपोर्टों और यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में रूसी सेनाओं ने यूक्रेन पर लगभग 1100 घातक ड्रोन, 890 से अधिक निर्देशित हवाई बम और कम से कम 50 मिसाइलें दागीं। इनमें बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलें शामिल थीं। पश्चिमी यूक्रेन में पोलैंड की सीमा के पास स्थित लिविव क्षेत्र को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ओरेशनिक से भी निशाना बनाया गया।
मंगलवार को जारी इस सहायता अपील का उद्देश्य भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, आश्रय, सुरक्षा और नक़द सहायता जैसी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करना है। साथ ही, तत्काल ख़तरे में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयासों को भी समर्थन दिया जाएगा।
यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी समन्वयक मैथियास श्माले ने कहा कि अग्रिम मोर्चे के पास किया जा रहा यह काम “साहसिक और जीवनरक्षक” है, जिसे संयुक्त राष्ट्र समर्थित सैकड़ों साझेदार संगठन मिलकर अंजाम दे रहे हैं।
अग्रिम मोर्चे के पास ज़रूरतें
उन्होंने बताया कि देश भर में सैन्य हमलों के बाद तुरन्त मदद पहुंचाने वाले नागरिक समाज संगठनों के लिए धनराशि की ज़रूरत है। ये संगठन मुख्य रूप से अग्रिम मोर्चे से 50 किलोमीटर के भीतर काम कर रहे हैं। वे युद्ध क्षेत्र में गुज़र-बसर कर रहे किसानों की मदद कर रहे हैं, साथ ही उन कैंसर मरीज़ों को भी सहायता दे रहे हैं, जिनकी दवाओं तक पहुंच स्वास्थ्य सेवाओं पर हुए हमलों से प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार जितना सम्भव हो सके उतना समर्थन देना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन आवश्यक हैं।
मैथियास श्माले ने यूक्रेन में आम नागरिकों की भारी पीड़ा की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि कीव सहित कई इलाक़ों में तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। उन्होंने इस स्थिति को “आपात स्थिति के भीतर एक अतिरिक्त आपात स्थिति” बताया। उन्होंने कहा कि मंगलवार की अपील के अलावा भी अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अतिरिक्त सहायता की ज़रूरत पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विशेष रूप से अन्तरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों और अन्य दाताओं से अपील कर रहा है कि वे यूक्रेन के साथ अपनी एकजुटता बनाए रखें और इसे वित्तीय सहायता के रूप में व्यक्त करें, ताकि नियोजित मानवीय कार्यों को आगे भी जारी रखा जा सके।
राजधानी कीव से सहायता अपील जारी करते हुए, मैथियास श्माले ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी टीम की एक ताज़ा जानकारी का हवाला दिया। इसके अनुसार, 2025 वर्ष 2022 के बाद से आम नागरिकों के लिए सबसे घातक रहा, जिसमें 2,500 से अधिक लोगों की मौत हुई और 12,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए।