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Written By UN
Last Updated : सोमवार, 23 मार्च 2026 (12:31 IST)

ईरान : भीषण टकराव के बीच 32 लाख ईरानी नागरिक अस्थाई रूप से विस्थापित

32 lakhs Iranian Citizens Temporarily Displaced in Iran
ईरान में हिंसक टकराव की वजह से अब तक 6 से 10 लाख के बीच घर-परिवारों के अस्थाई रूप से विस्थापित होने की आशंका है, जिससे 32 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। यूएन शरणार्थी संगठन (UNHCR) के अनुसार, अधिकांश लोग राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरी इलाक़ों से सुरक्षा की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं।
 

अनेक देशों को अपनी चपेट में ले लिया

28 फ़रवरी को ईरान पर इसराइली व अमेरिकी हवाई हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में भड़के भीषण टकराव ने लेबनान, कुवैत, बहरीन, क़तर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान समेत इस क्षेत्र में स्थित अनेक देशों को अपनी चपेट में ले लिया है।
 

मानवीय सहायता आवश्यकताओं में चिन्ताजनक उछाल 

ईरान के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमलों, बढ़ती असुरक्षा और अति-आवश्यक सेवाओं की घटती उपलब्धता के कारण लोग हिंसा प्रभावित इलाक़ों से अन्य स्थानों का रुख़ कर रहे हैं। यूएन शरणार्थी एजेंसी ने बताया कि टकराव जारी रहने की वजह से यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है, जिससे मानवीय सहायता आवश्यकताओं में चिन्ताजनक उछाल आ रहा है।
 
देश के भीतर विस्थापन के लिए मजबूर होने वाले लोगों में शरणार्थी परिवार भी हैं, जिनमें अधिकांश अफ़ग़ानिस्तान से हैं। अफ़ग़ान शरणार्थी ईरान में पहले से ही संवेदनशील स्थिति में अपना जीवन गुज़ारने के लिए मजबूर थे और अब परिस्थितियां बिगड़ रही हैं, जबकि उनके पास समर्थन के लिए सीमित नेटवर्क हैं।
 
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की लंबे समय से ईरान में उपस्थिति है और संगठन द्वारा हेल्पलाइन संचालित की जाती है, आगन्तुक केन्द्रों पर समर्थन मुहैया कराया जाता है और अन्य ज़रूरी सेवाएं मुहैया कराई जाती हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयारी की जाती है, विशेष रूप से जब बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हों। 
 

सुरक्षित आश्रय की तलाश कर रहे लोग

यूएन एजेंसी ने अन्तरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप आम नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित किए जाने, मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए मार्ग मुहैया कराने और सुरक्षित आश्रय की तलाश कर रहे लोगों के लिए सीमाएं खुली रखने का आग्रह किया है।
 

बच्चों पर गहरा असर

इस बीच संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में हिंसक टकराव का इस क्षेत्र में लाखों बच्चों पर गंभीर असर हो रहा है। यूएन एजेंसी ने अपने एक वक्तव्य में बताया है कि 28 फ़रवरी के बाद से अब तक 1,100 से अधिक बच्चों की या तो जान गई है या फिर वे घायल हुए हैं। ईरान में 200 बच्चों, लेबनान में 91, इसराइल में 4 और कुवैत में 1 बच्चे के मारे जाने की ख़बर है। 
 

लाखों बच्चों की शिक्षा में आया व्यवधान 

बड़े पैमाने पर हो रही बमबारी के कारण लाखों बच्चे अपने परिवार के साथ विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए हैं। लाखों अन्य बच्चों की शिक्षा में व्यवधान आया है। वहीं अस्पताल, स्कूल और जल आपूर्ति प्रणालियां या तो क्षतिग्रस्त हुई हैं या फिर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।
यूनीसेफ़ ने सभी युद्धरत पक्षों से आम नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित किए जाने और लड़ाई का अंत करने के लिए कूटनीतिक उपायों को अपनाए जाने का आग्रह किया है।
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