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सावन में महाकाल के दर्शन करने से पहले 7 बातें जान लेना है बहुत जरूरी, वर्ना दर्शन का नहीं मिलेगा लाभ
Monday,July 7, 2025
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मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
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Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 अगस्त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय
09 August 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 09 अगस्त, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
दूसरे सोमवार को करें ये आसान उपाय, श्रावण के 12वें दिन इस मंत्र से प्रसन्न होंगे शिवजी और चंद्रदेव
सावन (श्रावण) का महीना भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ चंद्रमा की कृपा पाने का भी सर्वोत्तम समय माना गया है। सावन के दूसरे सोमवार और 12वें दिन का यह विशेष संयोग आपके जीवन से मानसिक तनाव, नकारात्मकता और आर्थिक तंगी को दूर कर सुख-समृद्धि ला सकता है। इस बार दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026 को रहेगा।
श्रावण मास में रविवार का खास उपाय, 11वें दिन इस मंत्र का जाप करने से प्रसन्न होंगे शिवजी और सूर्यदेव
सावन का महीना पूर्णतः भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है, लेकिन जब सावन का कोई दिन रविवार को पड़ता है, तो इसका आध्यात्मिक महत्व दोगुना हो जाता है। ज्योतिष और शास्त्रों में सूर्यदेव को भगवान शिव का ही प्रत्यक्ष स्वरूप (शिव-सूर्य) माना गया है। सावन के 11वें दिन (रविवार) को शिवजी की उपासना के साथ-साथ सूर्यदेव की पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और तेज की प्राप्ति होती है।
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण: इन 5 राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रहें सतर्क
वर्ष 2026 का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। इसके बाद वर्ष 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। दोनों ग्रहण अगस्त माह में लगने वाले हैं। एक ही माह में दो ग्रहण योग के चलते इन राशियों पर पड़ेगा इसका सीधा असर।
सावन का दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष का महासंयोग: जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और विशेष उपाय
जब देवों के देव महादेव का प्रिय श्रावण मास हो और उसी दौरान सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन जाए, तो इसकी महिमा और भी अधिक फलदायी हो जाती है। जब त्रयोदशी तिथि सोमवार को पड़ती है, तो इसे 'सोम प्रदोष' कहा जाता है। श्रावण सोमवार और प्रदोष का यह पावन मिलन शिव भक्तों के लिए भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा पाने का सबसे उत्तम अवसर है।
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