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जून का आखिरी हफ्ता रहा रेंज बाउंड, जानिए अगले सप्ताह कैसी रहेगी बाजार की चाल
Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का यह हफ्ता रेंज बाउंड ही रहा। अमेरिका ईरान में डील के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इस हफ्ते सेंसेक्स में 293 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी मात्र 43 अंक बढ़ा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। ALSO READ: India-US Trade Talks 2026: अमेरिका के साथ बड़ी डील की तैयारी में भारत, शेयर बाजार के निवेशकों के लिए क्या है इसके मायने?
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 291 अंक की बढ़त के साथ 77094 पर और निफ्टी 90 अंक बढ़कर 24,103 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स में 893 अंकों की गिरावट, 76201 पर बंद; निफ्टी 279 अंक गिरकर 23,824 पर पहुंचा। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने रिकवरी की। बीएसई का सेंसेक्स 791 अंक उछल गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 198 अंकों की बढ़त के साथ 24,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया।
गुरुवार को सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। शुक्रवार को मोहरम की वजह से शेयर बाजार बंद रहे। हालांकि वैश्विक बाजार में इस दिन भारी उथल पुथल हुई। चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट से साउथ कोरिया में शेयर बाजार बुरी तरह क्रेश हो गया।
इस हफ्ते बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में शुरुआती कमजोरी के बाद रिकवरी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। ALSO READ: LPG को लेकर आई बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल
बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने कहा कि 4 दिन के कारोबारी हफ्ते में बाजार में मामूली तेजी रही। वैश्विक बाजार में आईटी कंपनी के शेयरों में गिरावट का भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा असर नहीं दिखा। विदेश निवेशकों ने बिकवाली की तो भारतीय निवेशक खरीदारी में पीछे नहीं रहे। इस वजह से बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई और यह फ्लैट ही रहे।
बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच डील हो गई हो लेकिन निवेशकों को अभी भी युद्ध का डर सता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लगातार बदलते बयान भी बाजार में अनिश्चितता को बढ़ा रहे हैं। कच्चे तेल के दाम कम होने के बाद भी महंगाई जस की तस बनी हुई है। कमजोर मानसून की भविष्यवाणियां भी भी निवेशकों को डरा रही है। इन सब कारणों से बाजार में जमकर मुनाफा वसूली हो रही है।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
बाजार विशषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े, वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और रुपए की चाल अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेगी।
राठौर ने कहा कि ट्रंप एक बार फिर टैरिफ को लेकर वॉर्निंग मोड में है। अगर किसी देश पर टैरिफ लगाया जाता है तो बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। फिलहाल बाजार रेंज बाउंड ही नजर आ रहा है। NSE का निफ्टी 23800 से 24500 के बीच ही रहेगा। निफ्टी 24500 से ऊपर बंद होने की स्थिति में 25200 तक पहुंच सकता है। 23800 से नीचे बंद होने पर इसके 23300 तक पहुंचे की संभावना है।
उपाध्याय का भी कहना है कि अगले हफ्ते भी बाजार रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है। हालांकि ट्रंप की बयानबाजी बाजार की दिशा तय कर सकती है। अमेरिका और ईरान में स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई है। 30 जून को निफ्टी एफएंडओ की एक्सपायरी है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए और सतर्कता से बाजार पर नजर रखनी चाहिए।
Saatvik 100 Index
BSE ने देश का पहला Saatvik 100 Index लॉन्च किया है। इस इंडेक्स में वो कंपनियां शामिल हैं जो अपने नैतिक मूल्यों के साथ समझौता किए बिना शेयर बाजार में कारोबार करती हैं। इस इंडेक्स में 100 ऐसी कंपनियां शामिल होंगी जिनका कारोबार तंबाकू, जुआ और शराब जैसी गतिविधियों से जुड़ा नहीं होगा। BSE साल में दो बार, जून और दिसंबर में इन सभी कंपनियों का रिव्यू करेगा और अगर वो रूल्स को तोड़ती हुई पाई गईं, तो उन्हें इस इंडेक्स से बाहर कर दिया जाएगा।
ओपन एआई का IPO टला!
एआई को लेकर अनिश्चितता की वजह से चैट जीपीटी बनाने वाली ओपनएआई अपने आईपीओ पर विचार कर रही है। एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों पस्त होने और लिस्टिंग के बाद स्पेसएक्स की कीमतों में आई 25 फीसदी की गिरावट ने कंपनी की चिंता बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि अब इसके आईपीओ के लिए निवेशकों को 2027 तक विचार करना पड़ सकता है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
