Sarvapitri Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर कर लें ये 5 छोटे काम, पितर खोल देंगे तरक्की और धन के बंद दरवाजे
पितरों की विदाई का सबसे पावन पर्व 'सर्वपितृ अमावस्या' अपने पूर्वजों के प्रति आभार व्यक्त करने का अंतिम और अद्भुत अवसर है। जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद न हो, उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जाता है। मान-सम्मान और श्रद्धा से किए गए कुछ छोटे-छोटे उपाय आपके पितरों को तृप्त कर आपके जीवन को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं। आइए जानते हैं इस खास दिन के अचूक और प्रभावकारी उपाय:
1. पंचबलि: प्रकृति और पितरों को नमन
सर्वपितृ अमावस्या पर भोजन की पहली थली से 5 विशेष जीवों—गाय, कुत्ते, कौए, चींटी और देवताओं—के लिए अंश निकालना न भूलें। इन माध्यमों से भोजन अर्पित करने से पितृगण तृप्त होते ही हैं, साथ ही प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता भी प्रकट होती है।
2. पीपल और तुलसी की शाम की ज्योति
पीपल वृक्ष में त्रिदेवों और पितरों का वास होता है। अमावस्या की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे दीया जलाकर परिक्रमा करें। साथ ही पवित्र तुलसी के पौधे के पास दीपक प्रज्वलित कर पितरों की शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करें।
3. ईशान कोण में तिल-घी का दीपक
घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को देव और पितृ स्थान माना गया है। संध्या के समय यहाँ शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं और उसमें कुछ काले तिल डाल दें। यह सरल उपाय घर से नकारात्मकता दूर कर धन-धान्य के रास्ते खोलता है।
4. दान-पुण्य से चमकाएं किस्मत
शास्त्रों में दान को सर्वोपरि पुण्य माना गया है। इस दिन किसी ज़रूरतमंद को अपनी सामर्थ्य अनुसार अन्न, वस्त्र और धन भेंट करें। आपका यह निस्वार्थ दान सीधे पूर्वजों की आत्मा को शांति और आपको अक्षय पुण्य दिलाता है।
5. ब्राह्मण भोजन और आदर-सत्कार
पितृपक्ष के समापन पर ब्राह्मणों को आदरपूर्वक घर बुलाएं और पितरों की पसंद का सात्विक भोजन कराएं। श्रद्धा से कराया गया यह भोजन पितरों तक पहुंचता है और वे प्रसन्न होकर वंशवृद्धि व सुख का वरदान देते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि पितरों के आशीर्वाद की छांव पाने का सबसे बड़ा दिन है। दिल से किए गए ये उपाय आपके परिवार में खुशहाली और तरक्की का नया उजाला फैलाएंगे।

