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ठंडक और छाया देने वाली 15 वस्तुओं की सूची देखकर ही ज्येष्ठ मास में दान करें

गुरुवार,मई 19, 2022
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17 मई 2022 से हिन्दू कैलेंडर का तीसरा माह ज्येष्ठ मास प्रारंभ हो चुका है, जो 14 जून तक रहेगा। इस माह में गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी और वृट सावित्री का व्रत रखा जाता है और भगवान त्रिविक्रम की पूजा करने का महत्व होता है। आओ जानते हैं कि ज्येष्ठ मास ...
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एक घर में कम से कम पांच देवी देवताओं की पूजा होनी ही चाहिए-गणेश,शिव,विष्णु,सूर्य,दुर्गा। किसी भी देव या देवी के पूजन के प्रति संकल्प,एकाग्रता,श्रद्धा होना बहुत ही आवश्यक है। प्रस्तुत है कुछ आवश्यक महत्वपूर्ण जानकारियां...
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चतुर्थी तिथि (Chaturthi Tithi) भगवान श्री गणेश (Lord Shree Ganesh) को अतिप्रिय है। इस दिन विघ्नहर्ता के पूजन से जीवन के सारे संकटों का नाश हो जाता है।
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Mosque temple dispute : कहते हैं कि 7वीं सदी सदी के बाद तुर्क और अरब के लुटेरों ने भारत पर कई आक्रमण किए थे। इस दौरान उन्होंने मंदिरों को लूटा और तोड़ा साथ ही कई लोगों का धर्मान्तरण भी किया गया। मान्यता है कि यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ...
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उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में दानीगेट में शिप्रा तट पर एक मस्जिद है जिसे बिना नींव की मस्जिद कहा जाता है। इसके बारे में किंवदंती है कि इसे सैकड़ों साल पहले जिन्नातों ने अपने लिए बनाया था। लेकिन महामंडलेश्वर अतुलेशानंद का दावा है कि यह परमारकाल ...
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उत्तरप्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में विशाल शिवलिंग के मिलने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुरातत्व विभाग सबसे पहले शिवलिंग और मस्जिद के बाहर ज्ञानवापी मंडप के पास प्रतिष्ठित विशाल नंदी की दूरी नापने की तैयारी कर रहा ...
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“नारदमुनि’ शब्द का उपयोग अज्ञानी लोग हमेशा से ही इधर की उधर लगाई-बुझाई करने वाले चरित्र धारित लोगों के लिए करते हैं। उन्हें यह जानना बेहद जरुरी है कि आखिर वे नारद जी के बारे में समझते कितना हैं? आजकल धार्मिक चलचित्रों और धारावाहिकों में नारद जी का ...
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विश्व के प्रथम पत्रकार हमारी संस्कृति में थे। देवर्षि नारद को प्रथम संप्रेषक (communicator ) माना जाता है। नारद जयंती के पावन अवसर पर कई पत्रकारिता अध्ययनशालाओं में, पत्रकारों के द्वारा और जनसंचार विभागों में इस महान संप्रेषक का पूजन होता है और अनेक ...
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उज्जैन में आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अतुलेशानंद जी महाराज द्वारा किए गए एक दावे के बाद से यहां के दानी गेट के पास स्थित बिना नींव की मस्जिद बहुत चर्चा में है। महाराज ने दावा किया है कि इस मस्जिद के अंदर भगवान शिव और गणेश जी की प्रतिमा है, ...
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प्याज को ग्रामीण क्षेत्रों में कांदा भी कहते हैं। अंग्रेजी में इसे ओन्यन या अन्यन (onion) कहते हैं। यह कंद श्रेणी में आता है जिसकी सब्जी भी बनती है और इसे सब्जी बनने में मसालों के साथ उपयोग भी किया जाता है। इसे संस्कृत में कृष्णावल कहते थे। हालांकि ...
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ज्योतिष में राहु काल को अशुभ माना जाता है। अत: इस काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। यहां आपके लिए प्रस्तुत है सप्ताह के दिनों पर आधारित राहुकाल का समय, जिसके देखकर आप अपना दैनिक कार्य कर सकते हैं।
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अष्टलक्ष्मी की आराधना से मनुष्य की सभी समस्याओं का नाश होता है और वह समृद्धि, धन, यश, ऐश्वर्य व संपन्नता प्राप्त करता है। जानिए लक्ष्मी जी के इन आठ रूपों अर्थात अष्टलक्ष्मी के रहस्य को -
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Difference between Shiva Purana and Vishnu Purana : हिन्दू धर्म के अनुसार दो तरह के ग्रंथ है श्रुति और स्मृति। श्रुति के अंतर्गत वेद आते हैं और स्मृति के अंतर्गत पुराण। पुराणों की संख्या कुल 18 है जिनमें से अधिकतर वेदव्यासजी ने लिखे हैं। उन्हीं में ...
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हिन्दू धर्म में तीर्थ यात्रा करने का खासा महत्व है। तीर्थ करने के कई सांसारिक और आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं। कई लोग तीर्थ यात्रा पर जाते हैं लेकिन उन्हें तीर्थ यात्रा करने के नियम नहीं मालूम रहते हैं। वहां जाकर वे ऐसे कार्य करते हैं जो कि तीर्थक्षेत्र ...
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प्रतिवर्ष वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी (Ganga Saptami 2022) मनाई जाती है। यहां पढ़ें मां गंगा की स्तुति, पावन चालीसा, गंगा मैया की आरती और पौराणिक तथ्य...
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Garuda purana ka gyan : गरुड़ पुराण में, मृत्यु के पहले और बाद की स्थिति के बारे में बताया गया है। इसीलिए यह पुराण मृतक को सुनाया जाता है। गरुड़ पुराण में हमारे जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारे में व्यक्ति को जरूर जनना चाहिए। गरुड़ ...
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Akshaya tritiya kharidari ka muhurat kya hai : 3 अप्रैल 2022 मंगलवार के दिन वैशाख माह की तृतीया यानी अक्षय तृतीया है। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, गृह निर्माण और खरीदारी का शुभ मुहूर्त पूरे दिन ही रहता है। इस दिन 3 चीजें खरीदना बहुत ही शुभ माना गया है। ...
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गायत्री मंत्र जप के लिए 3 समय बताए गए हैं, जप के समय को संध्याकाल भी कहा जाता है।
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I Stand For Peace event in Berlin, Germany: बेंगलुरू। महामारी के बाद की दुनिया में, जो रूस-यूक्रेनी युद्ध जैसे वैश्विक संघर्षों के परिणामों का सामना कर रहे हैं, वैश्विक आध्यात्मिक नेता, गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर ने शांति की वैश्विक ताकतों और जागरूक ...
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भारतीय परंपरा में कोई भी ऐसा धार्मिक कार्य नहीं होगा जिसमें जल कलश स्थापित न किया जाता हो। इसी से जल की महत्ता सिद्ध होती है। नदियों को हमारे यहां मां का दर्जा दिया गया है। पुराणों में देवी देवता से लेकर राजा-महाराजा ऋषि मुनि द्वारा सुंदर सरोवर, ...
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Types of Shivling: शिवजी सभी के आराध्य देव हैं इसीलिए शास्त्रों में देवता, दानव, असुर या मानवों के लिए अलग अलग शिवलिंग की पूजा का विधान बताया गया है। शिवलिंग को परमब्रह्मा या शिवजी का निराकार रूप का प्रतीक माना जाता है। शिवपुराण अनुसार भगवान विष्णु ...
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Indian guru satya sai baba गुरु श्री सत्य साईं बाबा (sathya sai baba) का जन्म 23 नवंबर 1926 को आंध्रप्रदेश के पुट्‍टपर्थी गांव में हुआ था। बचपन में उनका नाम 'सत्यनारायण राजू' था।
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Tulsi murjha jaye to kya karen : तुलसी के पौथे की देखरेख बहुत ही सावधानी से करना होती है अन्यथा यह पौधा जल्दी ही मुरझाकर खत्म हो जाता है। यदि आपके घर में तुलसी के पौधा है और वह हर बार मुरझा जाता है तो आप इन 10 उपायों से अपनी तुलसी को हरा-भरा बनाए रख ...
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वैशाख माह हिन्दू पंचांग का दूसरा महीना होता है। यह महीना 17 अप्रैल से शुरू हो गया है। नारद जी के अनुसार, इस माह को ब्रह्मा जी ने सभी माह में श्रेष्ठ बताया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख मास में पाप कर्मों से मुक्ति पाने के लिए स्नान-दान का ...
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चैत्र पूर्णिमा बहुत ही शुभ फल देने वाली मानी जाती है। चैत्र पूर्णिमा का व्रत व्रती को निम्न विधि से रखना चाहिए....
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यहां जानिए 2022 में आनेवाली सभी पूर्णिमा तिथियों की लिस्ट-Purnima 2022 List
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17 अप्रैल से वैशाख माह आरंभ हो जाएगा, आओ जानते हैं कि ऐसे कौनसे कार्य है जो कि वैशाख माह में करने से सुख मिलता है। महत्व : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी माह से त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। इसी वजह से इसका धर्मिक महत्व बढ़ जाता है। इस माह को माधव ...
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.'प्रदोष में दोष' यही था कि चंद्र क्षय रोग से पीड़ित होकर मृत्युतुल्य कष्टों को भोग रहे थे। 'प्रदोष व्रत' इसलिए भी किया जाता है कि भगवान शिव ने उस दोष का निवारण कर उन्हें पुन:जीवन प्रदान किया अत: हमें उस शिव की आराधना करनी चाहिए जिन्होंने मृत्यु को ...
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मंदिर में सभी त्योहार या विशेष दिनों में पंचामृत देवताओं की मूर्ति के समक्ष अर्पित भी किया जाता है, शिवलिंग पर इसे चढ़ाया जाता है और सभी को इसे प्रासाद रूप में वितरित भी किया जाता है। आम दिनों में चरणामृत वितरित करते हैं। आओ जानते हैं पंचामृत के ...
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श्री बजरंग बली अद्भुत शक्तियों व गुणों के स्वामी हैं। बजरंग बली की भक्ति तन, मन व धन से संपन्न बनाने वाली मानी गई है। जीवन में शत्रु निवारण, शक्ति और सिद्धि की कामना के लिए श्री हनुमान के मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। यहां पढ़ें हर संकट का अंत ...
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Rule of drinking water according to season: भोजन से ज्यादा महत्वपूर्ण है पानी और उसके पात्र का चयन करना। पानी से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है हवा। भोजन, पानी और हवा अगर गुणवत्तापूर्ण नहीं हैं तो रोग उत्पन्न होते हैं। पानी से हजारों तरह के रोग होते हैं और ...
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गरुड़ पुराण में लिखा है इन 5 कामों को करने से कम हो जाती है उम्र...पुराना सूखा मांस आपके लिए सबसे घातक है। बासी मांस खाने से कैंसर जैसे रोग हो सकते हैं। जब कोई पुराना मांस खाता है तो इससे बैक्टीरिया पेट में चले जाते हैं और कई प्रकार के रोग होते हैं।
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