1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. प्रादेशिक
  4. chamoli-peepalkoti-tunnel-accident-cm-dhami-rescue-operation

घायलों से मिले सीएम धामी, चमोली टनल हादसे पर क्या कहा?

CM Pushkar Dhami at uttarakhand tunnel accident side
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली में टनल हादसे के बाद दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद सीएम धामी ने पीपलकोटी सुरंग दुर्घटना में घायल श्रमिकों से मिलने के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर का दौरा किया। ALSO READ: चमोली में टनल हादसे से मचा हड़कंप, 7 मजदूरों की मौत; 3 अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
 
सीएम धामी ने कहा कि कल की घटना के समय कुल 22 लोग काम कर रहे थे। 3 लोगों को छोड़ कर सभी को निकाल लिया गया है। घायलों का इलाज चल रहा है, AIIMS ऋषिकेश में भी सारी व्यवस्था की गई है। यहां राहत बचाव के लिए सभी एजेंसियां काम कर रही हैं, NDRF, SDRF, ITBP और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग काम कर रहा है। अभी अंदर काफी पानी आया है, मलबा भी काफी है। हमारा प्रयास है कि सभी को जल्द से जल्द निकाला जाए।
 
उन्होंने कहा कि कल मैंने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को भी सूचना दी थी कि सभी का इलाज चल रहा है, वहां के मजदूर यहां काम कर रहे थे। राज्य सरकार की ओर से सभी सहायता की जा रही है। 19 लोगों को निकाला गया जिसमें से कुछ लोग नहीं बच पाए, घायलों का इलाज चल रहा है।

उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आज पीपलकोटी, चमोली में आपदा प्रभावित टनल क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। टनल में फंसे कई श्रमिकों को कल ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। शेष फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। मौके पर अभियान की प्रगति एवं चुनौतियों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे और सभी उपलब्ध संसाधनों का पूरी क्षमता से उपयोग किया जाए। प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।
 
अगला लेख
15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा