चमोली में टनल हादसे से मचा हड़कंप, 7 मजदूरों की मौत; 3 अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Uttarakhand Tunnel Accident : उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में भूस्खलन के बाद पानी, पत्थर और मलबा घुस गया। मीडिया खबरों के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में टनल में काम कर रहे 28 मजदूरों में से 7 की मौत हो गई। 18 लोगों को बचा लिया गया और 3 लोग अभी भी लापता है। राहत और बचाव कार्य जारी है। ALSO READ: उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन टनल ढही, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किमी लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड के बाद पानी रिसने लगा। मलबा और पानी भरने से अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चलता रहा।
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— All India Radio News (@airnewsalerts) August 14, 2026
Seven people have died and 14 sustained injuries after a landslide and water seepage occurred in an under-construction tunnel at a hydroelectric project site in… pic.twitter.com/6xOddrkXtT
क्या बोले सीएम धामी?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिपलकोटी के पास बिरही नदी पर निर्माणाधीन सुरंग के अंदर काम कर रहे मज़दूरों पर ऊपर से भूस्खलन जैसी घटना के बाद अचानक मिट्टी और मलबा आ गिरा। इसके कारण कुछ लोग अंदर फंस गए। अब तक 18 लोगों को निकाला जा चुका है। बचाए गए लोगों में से कुछ घायल हैं और उन्हें पिपलकोटी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में भी तैयारियां पूरी हैं। 3-4 लोगों को ज़्यादा गंभीर चोटें आई हैं और उन सभी का इलाज चल रहा है। हमारी प्राथमिकता सभी को जल्द से जल्द बचाना है। NDRF, SDRF, ज़िला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। मैंने पिपलकोटी अस्पताल में भर्ती घायल मज़दूरों से बात की और उनकी हालत स्थिर है।
गौरतलब है कि उत्तरकाशी में सिल्क्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में नवंबर, 2023 को भूस्खलन होने के कारण बीच का एक हिस्सा धंस गया था। सुरंग का निकासी वाला सिरा बंद होने 41 श्रमिक भीतर ही फंस गए। 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में उन्हें बाहर निकाला गया था।

