Kerala CM VD Satheesan: केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस-led UDF की भारी जीत के 10 दिन बाद आखिरकार सस्पेंस खत्म हो गया। कांग्रेस हाईकमान ने वीडी सतीशन को केरल का अगला मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया है, जबकि संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की दावेदारी को पीछे छोड़ दिया गया। इस फैसले ने पार्टी के अंदरूनी गलियारों में काफी चर्चा पैदा की, लेकिन अंत में अनुशासन की जीत हुई।
केसी वेणुगोपाल, जो राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं और कांग्रेस संगठन के मजबूत चेहरे हैं, कई विधायकों के समर्थन के बावजूद रेस से बाहर हो गए। सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान ने सहयोगी दलों खासकर IUML की राय, जनाधार और पार्टी के अंदरूनी संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। वेणुगोपाल का नाम शुरू में मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा था, लेकिन अंतिम दौर में वीडी सतीशन की तरफ झुकाव हुआ।
वेणुगोपाल का बयान : 'मैं पार्टी का सिपाही हूं'
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्थिति पर चर्चा की और निर्णय प्रक्रिया पर विचार किया। उन्होंने मुझे फोन किया, मेरी राय मांगी और हम सबने चर्चा की... मैं उन सभी विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मुझे समर्थन दिया। आखिरकार पार्टी ने फैसला लिया और एक सच्चे कांग्रेसजन के रूप में हम सब पार्टी के फैसले के पीछे खड़े हैं। वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के फैसले का पूरा समर्थन करते हैं और नए मुख्यमंत्री सतीशन को हर संभव मदद देंगे। उन्होंने खुद को 'loyalist' बताते हुए कहा कि वे पार्टी से बड़ा नहीं हैं।
क्या कहा सतीशन ने?
कांग्रेस विधायक दल के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि मैंने कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं और यूडीएफ टीम के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल की है। कांग्रेस ने मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, इसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख सनी जोसेफ ने कहा कि केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सतीशन को मुख्यमंत्री चुने जाने के आला कमान के फैसले को स्वीकार किया है और उसका स्वागत किया है।
वायनाड में लगे चेतावनी भरे पोस्टर
हमारे केरल संवाददाता के अनुसार, वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों के बीच वायनाड में कांग्रेस आलाकमान का विरोध शुरू हो गया था। वायनाड में कांग्रेस कार्यालय के खिलाफ पोस्टर भी लगा दिए गए थे, जिनमें चेतावनी दी गई थी कि यदि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री चुना गया तो जनता आलाकमान को माफी नहीं करेगी और वायनाड अगला अमेठी बन जाएगा। आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के खिलाफ अमेठी में चुनाव हार गए थे।
वीडी सतीशन कौन हैं?
वीडी सतीशन, परावूर से छह बार के विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष, केरल कांग्रेस में लंबे समय से सक्रिय नेता हैं। उनकी छवि एक मजबूत संगठनकर्ता और ग्रासरूट लीडर की है। सहयोगी दलों का भी उन पर भरोसा है, जो UDF सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उनकी नियुक्ति को पार्टी के अंदर 'सामूहिक नेतृत्व' और स्थानीय संतुलन का प्रतीक माना जा रहा है।
रोमांचक रेस
UDF की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस में मुख्य रूप से तीन नाम थे— के.सी. वेणुगोपाल, वी.डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला। वेणुगोपाल को कई कांग्रेस विधायकों का समर्थन था, जबकि सतीशन को जनसमर्थन और सहयोगियों का साथ मिला। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में कई दौर की बैठकें हुईं, जिसमें केरल के वरिष्ठ नेताओं की राय ली गई। अंत में हाईकमान ने सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। यह फैसला केरल में कांग्रेस की वापसी को मजबूत बनाने की दिशा में देखा जा रहा है, जहां LDF की 10 साल की सरकार के बाद UDF सत्ता में आया है।
आगे की चुनौतियां
नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को अब कैबिनेट गठन, सहयोगी दलों को संतुलित करने और राज्य की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। वेणुगोपाल जैसे अनुभवी नेता का समर्थन उनके लिए मजबूती बनेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है और पार्टी में एकजुटता का संदेश दिया गया है। केरल में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि कांग्रेस में अंतिम फैसला हाईकमान का होता है और हर नेता पार्टी के अनुशासन को सर्वोपरि मानता है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala