CJP आंदोलन के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, BJP के बड़े नेता का दावा
मध्यप्रदेश के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन के पहले ही दिन अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी। इंदौर में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन विदेशी ताकतों के मंसूबों को विफल कर दिया है, जो हिंसा फैलाकर भारत को अस्थिर करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश और श्रीलंका में हालात बने, उसी तरह कुछ ताकतें भारत में भी अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही थीं। धर्मेंद्र प्रधान ने जो किया है, उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना 36 दिनों से चल रहा आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। यह आंदोलन परीक्षा में अनियमितताओं और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर शुरू किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और लोग जुड़े थे। विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी और सरकार की ओर से दी गई हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और पूरी निष्ठा से निभाया।
'पहले दिन ही इस्तीफे की पेशकश की थी'
कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने बीजेपी अध्यक्ष से कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बाद में जब परिस्थितियां बदलीं और पार्टी ने फैसला लिया कि धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना चाहिए, तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस द्वारा जश्न मनाए जाने पर विजयवर्गीय ने निशाना साधा। उन्होंने हिंदी कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कांग्रेस "पड़ोसी के घर बच्चा पैदा होने पर ढोल बजा रही है।" उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं थी। छात्रों ने खुद आंदोलन शुरू किया और कांग्रेस केवल उनके पीछे खड़ी रही।

