गाय के गोबर से अखिलेश यादव को आई दुर्गंध, भाजपा ने इस तरह साधा निशाना
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपाइयों को बदबू पसंद है तभी वे गौशालाएं खोल रहे हैं। हमें खुशबू पसंद है, तभी हम एक परफ्यूम पार्क बना रहे हैं।
Akhilesh Yadav news in hindi : समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह कहते हुए भाजपा को दुर्गंध का स्रोत बताया कि भाजपाइयों को दुर्गंध पसंद है तभी वे गौशाला खोल रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी ने परफ्यूम पार्क खोला। अखिलेश के बयान पर बवाल मच गया। केशव प्रसाद मौर्य से लेकर संबित पात्रा तक कई भाजपा नेताओं ने उन पर जमकर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने कन्नौज में मीडिया से बातचीत में कहा कि कन्नौज ने हमेशा से ही भाईचारे की खुशबू फैलाई है, जबकि भाजपा नफरत की बदबू फैला रही है। मैं कन्नौज के लोगों से भाजपा की बदबू पूरी तरह से समाप्त करने का आग्रह करता हूं। यह कुछ हद तक घट गई है, लेकिन अगली बार इसे पूरा हटा दें, ताकि कन्नौज का रुका हुआ विकास आगे बढ़ सके।
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें (भाजपाइयों को) बदबू पसंद है तभी वे गौशालाएं खोल रहे हैं। हमें खुशबू पसंद है, तभी हम एक परफ्यूम पार्क बना रहे हैं।
यादव की इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'किसान, खासकर ग्वाल के बेटे, को अगर गाय के गोबर से दुर्गंध आने लगे तो समझना चाहिए कि वह अपनी जड़ों और समाज से पूरी तरह कट चुका है। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने लिखा था कि किसान के बेटे को अगर गोबर से दुर्गंध आने लगे तो अकाल तय है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी गोबर से दुर्गंध आ रही है। उनकी पार्टी का भी समाप्त होना तय है।'
सत्ता हाथ से क्या गई, सुगंध और दुर्गंध में फर्क भूल गए
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) March 27, 2025
जिस गौमाता के चरणों में देवी-देवताओं का वास हो, उसी पर तंज कसना अधर्म नहीं तो और क्या
जो गोधन को बोझ समझे, वह गोपाल भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के चरणों की भक्ति का अलौकिक आनंद क्या जाने
जिनके लिए सत्ता का सिंहासन ही सर्वस्व…
भाजपा सांसद एवं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने यादव की टिप्पणी को 'भड़काऊ' करार देते हुए कहा कि भारत सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ अखिलेश यादव को गौशाला में दुर्गंध नजर आती है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी के दोस्त और कांग्रेस विधायक को साधु संतों में सांड दिखता है। उसी कांग्रेस विधायक ने महाकुंभ के खिलाफ भी टिप्पणी की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनका सनातन धर्म से कोई लगाव नहीं है और वे सनातन विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि मैं तो कहूंगा कि हिंदुस्तान में रहते हुए अगर आप सनातन का विरोध करते हैं, गाय माता से दुर्गंध लेकर संत को छुट्टा सांड कहते हैं तो आपको हिंदुस्तान में राजनीति करना छोड़ देना चाहिए। आपको उस भूमि की खोज करनी चाहिए जहां आप सनातन का अपमान कर सकें और उस देश में इसे सहन किया जाए। यह देश सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
अखिलेश जी,
— Sambit Patra (@sambitswaraj) March 27, 2025
दुर्गंध आपकी नमाजवादी विचारधारा और सोच में भरी हुई है, गौशाला में नहीं। pic.twitter.com/oI9aAyh0Z8
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यादव की टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की और कहा कि सपा प्रमुख को वोटों में विश्वास है, धर्म में नहीं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जैसे लोग जरूरत पड़ने पर वोट के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। सिंह ने कहा कि यादव ने नमाज पढ़ना शुरू कर दिया है।
edited by : Nrapendra Gupta

