सम्बंधित जानकारी
- महावीर जयंती : क्या होता है कैवल्य ज्ञान, जानिए
- 24वें जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी का संक्षिप्त जीवन परिचय
- अन्य अहिंसकों से भिन्न है महावीर स्वामी की अहिंसा, जानिए 4 खास बातें
- भगवान महावीर के उपदेश- दुनिया एक झमेला है, आने-जाने का एक मेला है
- Mahavir Jyanati 2020 : आत्मा के बारे में भगवान महावीर के उपदेश
Mahavir Bhagwan Ki Arti : जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो
Mahaveer Swami
Mahavir Swami ki Aarti
यहां पढ़ें जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की आरती।
आरती महावीर स्वामी की
जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो।
कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो॥ ॥ ॐ जय.....॥
सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी, स्वामी वैभव था भारी।
बाल ब्रह्मचारी व्रत पाल्यौ तपधारी ॥ ॐ जय.....॥
आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी।
माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॥ ॐ जय.....॥
जग में पाठ अहिंसा, आपहि विस्तार्यो।
हिंसा पाप मिटाकर, सुधर्म परिचार्यो ॥ ॐ जय.....॥
इह विधि चांदनपुर में अतिशय दरशायौ।
ग्वाल मनोरथ पूर्यो दूध गाय पायौ ॥ ॐ जय.....॥
प्राणदान मन्त्री को तुमने प्रभु दीना।
मन्दिर तीन शिखर का, निर्मित है कीना ॥ ॐ जय.....॥
जयपुर नृप भी तेरे, अतिशय के सेवी।
एक ग्राम तिन दीनों, सेवा हित यह भी ॥ ॐ जय.....॥
जो कोई तेरे दर पर, इच्छा कर आवै।
होय मनोरथ पूरण, संकट मिट जावै ॥ ॐ जय.....॥
निशि दिन प्रभु मंदिर में, जगमग ज्योति जरै।
हरि प्रसाद चरणों में, आनंद मोद भरै ॥ ॐ जय.....॥
