Jio IPO 2026 : जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल किया RHP, 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा IPO
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ (IPO) के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, गुजरात के पास यह दस्तावेज जमा किया।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
IPO में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी होंगे
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO में 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। फ्रेश इश्यू के तहत कंपनी नए शेयर जारी करती है।
इससे पहले कंपनी ने 19 जून 2026 को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की जानकारी दी थी। इसके बाद 28 अगस्त 2026 को बताया गया था कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से DRHP पर ऑब्जर्वेशन लेटर मिल गया है। अब कंपनी ने IPO से संबंधित RHP दाखिल कर दिया है।
रिलायंस के पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक आरक्षित
इस IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान है। इस श्रेणी में वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हैं, जो 14 अक्टूबर 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारक थे। HUF के मामले में शेयर कर्ता के नाम पर भी हो सकते हैं।
हालांकि, लागू कानूनों और नियमों के तहत IPO में निवेश के लिए अयोग्य व्यक्ति इस श्रेणी का लाभ नहीं ले सकेंगे। यह आरक्षण अधिकतम 2,500 करोड़ रुपये के मूल्य तक है। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक पात्र शेयरधारक को निश्चित संख्या में शेयर मिलेंगे। पात्रता और आवंटन से जुड़ी शर्तें RHP के अनुसार लागू होंगी।
कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए भी 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान किया है। कर्मचारियों की पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी कंपनी के RHP में दी गई है। इस तरह प्रस्तावित IPO में पात्र रिलायंस शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग आरक्षित श्रेणियां शामिल हैं।

