सम्बंधित जानकारी
- 3 सितंबर को ही मनाएं जन्माष्टमी, जानिए वेदों के अनुसार कारण...
- यह है जन्माष्टमी के 12 विशेष रक्षा मंत्र, कुंडली में अपने लग्न को जानकर करें इनका वाचन
- ऐसे करें घर में श्रीकृष्ण का पूजन, पढ़ें सरल पौराणिक विधि और संकल्प
- अत्यंत मंगलकारी हैं कान्हा के यह अक्षर मंत्र, पढ़ें 7, 8 और 12 अक्षरों के दिव्य मंत्र
- सब व्रतों का राजा है श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, इसे करने से मिलेंगे यह 5 शुभ आशीर्वाद
जन्माष्टमी से शुरू करें और फिर हर दिन बदलें श्रीकृष्ण का श्रृंगार...
समस्त भगवानों में श्रीकृष्ण को उनके रूप और श्रृंगार के कारण जाना जाता है। उनकी भक्ति का यह सबसे खूबसूरत तरीका है कि हर दिन उनका मनभावन श्रृंगार किया जाए । श्रीकृष्ण इस पूजन से सबसे ज्यादा और जल्दी प्रसन्न होते हैं।
॥ कृष्णःकर्षति आकर्षति सर्वान जीवान् इति कृष्णः॥
॥ ओम् वेदाः वेतं पुरुषः महंतां देवानुजं प्रतिरंत जीव से॥
जन्माष्टमी के दिन तो हर भक्त भगवान को सजाता है लेकिन अगर जन्माष्टमी से लेकर हर दिन कान्हा का श्रृंगार बदला जाए तो 40 दिन में जीवन में आ रहे सुखद बदलाव को महसूस करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण का पूजन त्रिकाल संध्या करना चाहिए।
भगवान राधा-कृष्ण को सोमवार को चमकीले सफेद वस्त्र,
मंगलवार को लाल,
बुधवार को हरा,
गुरुवार को पीला,
शुक्रवार को बादामी और सुनहरा,
शनिवार को नीला एवं
रविवार को नारंगी रंग के पहनावे से सज्जित किया जाना चाहिए।
मंगलवार को लाल,
बुधवार को हरा,
गुरुवार को पीला,
शुक्रवार को बादामी और सुनहरा,
शनिवार को नीला एवं
रविवार को नारंगी रंग के पहनावे से सज्जित किया जाना चाहिए।
