US-Iran War: अमेरिका ने दूसरे दिन भी ईरान के 6 राज्यों में की बमबारी, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला करते हुए 6 राज्यों में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी दिन भी ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। अमेरिका और ईरान दोनों ही हार्मुुज स्ट्रेट पर अपना दावा कर रहे हैं। ALSO READ: Iran-US Conflict : ईरान का जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हमला करने का दावा, UAE, बहरीन और कतर में भी मिसाइल अलर्ट
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बलों ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू कर दिए। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को लगातार कमजोर करना है। कमांडर इन चीफ ट्रंप ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों के निर्देश दिए हैं।
At 5 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching more strikes against Iran to continue degrading their ability to attack civilian mariners and commercial ships freely transiting the Strait of Hormuz. The Commander in Chief has directed the strikes to hold Iranian…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 12, 2026
इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से वैध रूप से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए खुला है। अमेरिकी सेनाएं वहां तैनात हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं कि ईरान की अनुचित आक्रामकता, उत्पीड़न, धमकियों और मनमानी घोषणाओं के बावजूद नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहे। ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण नहीं है। इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
ईरान की चेतावनी
इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत 'वैध सैन्य लक्ष्य' मान सकते हैं।
मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को भी पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की। ALSO READ: Strait of Hormuz Crisis : तेल-गैस की सप्लाई पर फिर खतरा, होर्मुज किया बंद तो ईरान पर टूट पड़ा अमेरिका, कंटेनर जहाज पर भी हमला
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम क्षेत्र और दुनिया दोनों के लिए गंभीर परिणाम लेकर आ सकते हैं।
I am deeply concerned by the serious escalation & renewed military confrontations in the Gulf, including the Iranian attacks on ships in the Strait of Hormuz, the attacks by the US on Iran, and the attacks by Iran on targets in the neighboring countries.
— António Guterres (@antonioguterres) July 12, 2026
These attacks must all…

