USCIRF ने RSS पर बैन की मांग की, भागवत के US दौरे से पहले विवाद
अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान नहीं देने और उनके साथ उच्चस्तरीय बैठकें नहीं करने की अपील की है। महमूद का यह बयान RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से कुछ दिन पहले आया है।
आयोग के चेयरमैन आसिफ महमूद ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं और इसके सहयोगी संगठनों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। अब RSS नेता मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा की योजना है।
Chair @DrMahmood40: “Indias PM Modi is a member of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS), an Indian umbrella organization whose sub-groups have perpetrated attacks on religious minorities, incl. Christians & Muslims. Now the RSS leader, Mohan Bhagwat, plans to visit the U.S."
— USCIRF (@USCIRF) August 19, 2026
USCIRF कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा कि अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करना चाहिए।
क्या है मोहन भागवत का कार्यक्रम?
भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर जाएंगे। वे 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) के यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशंस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
100 से ज्यादा संगठनों ने किया भागवत के कनाडा दौरे का समर्थन
कनाडा के 100 से ज्यादा संगठनों ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित दौरे का समर्थन किया है। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और मंत्रियों को पत्र लिखकर भागवत को रोकने की मांगों को खारिज करने की अपील की। इन संगठनों ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पुख्ता और स्वतंत्र सबूत होने चाहिए और कानून के मुताबिक पूरी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

