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फ्लाईदुबई के को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा, ओमान से इजरायल तक कहां-कहां हुई सुरक्षा चूक?

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फ्लाईदुबई के को-पायलट हमम अल-हम्मामी को लेकर जांच में ओमान, यूएई और इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जांच से पता चला है कि ओमान, यूएई और इजरायल के अंदर सुरक्षा में कई कमियों की वजह से फ्लाईदुबई का को-पायलट हमम अल-हम्मामी कॉकपिट में घुसने में कामयाब हो सका। ALSO READ: 'आप दुनिया के असली हीरो हैं': कैप्टन स्मित मछार से बोले नेतन्याहू, पीएम मोदी संग दिया इजरायल आने का न्योता
 

क्या है ओमान की गलती?

ओमान में अधिकारियों ने हमम अल-हम्मामी की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी और पाया था कि वह कट्टरपंथी विचारधारा में बहुत ज्यादा दिलचस्पी ले रहा था। इसलिए सरकारी एयरलाइन ओमान एयर में उसे पायलट के तौर पर भरोसा नहीं किया जा सकता था। एयरलाइन ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था और उसे डी-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम में भेजा और डेस्क जॉब पर लगा दिया लेकिन उसके बारे में अपनी चिंताओं की जानकारी बड़े पैमाने पर नहीं दी।
 

फ्लाईदुबई ने कर दी यह बड़ी गलती

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब अल-हम्मामी फरवरी में फ्लाईदुबई से जुड़ा तो एयरलाइन ने उसके पिछले अनुभव की जांच के लिए ओमान से संपर्क नहीं किया। उसके आपराधिक बैकग्राउंड की जांच तो की गई लेकिन पहले की वे चिंताएं जिनकी वजह से ओमान ने उसे उड़ान भरने से हटाया था, नए नियोक्ता तक नहीं पहुंचाई गईं। फ्लाईदुबई ने बाद में उसे संवेदनशील तेल अवीव रूट पर तैनात किया, जिस पर उसने कई बार उड़ान भरी। ALSO READ: फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: अल-कायदा से जुड़े सह-पायलट ने रची थी इजराइल में विमान गिराने की साजिश?
 

कहां चूक गया इजरायल?

इजरायल को भी अल-हम्मामी के बारे में जानकारी थी लेकिन उसे उड़ान भरने दी गई। विदेशी एयरलाइनों को आने से पहले यात्रियों और क्रू की लिस्ट जमा करनी होती है। एयरलाइन ऑपरेटर फ्लाईदुबई ने फ्लाइट 1073 के लिए मैनिफेस्ट (यात्री और क्रू की सूची) जमा की थी। इजरायल के परिवहन मंत्रालय का कहना है कि कि उसे नहीं लगता कि उसके पास विदेशी फ्लाइट क्रू की जांच करने का अधिकार या विशेषज्ञता है। मंत्रालय ने कहा कि उसने 2023 में बनाए गए उस डेटाबेस को एक्सेस करने के लिए कभी नहीं कहा था, जिसे अधिकृत एजेंसियों की मदद के लिए बनाया गया था।
 
अल-हम्मामी को इजरायल के लिए उड़ान भरने से रोका जा सकता था। ओमान जैसे देशों के पायलटों को इजरायल के लिए उड़ान भरने की मनाही है, क्योंकि इजरायल के साथ उनके राजनयिक संबंध नहीं हैं। फिर भी अल-हम्ममी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने दिया गया।
 

नहीं मिले आतंकियों से जुड़ाव के सबूत

यूएई के अटॉर्नी जनरल ने इस घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश बताया है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, सऊदी अरब, यूएई और इजरायल को शक है कि अल-हम्ममी विमान को तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश कर रहा था। तीनों देश इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने अकेले यह काम किया था। उन लोगों ने बताया कि अब तक जांचकर्ताओं को किसी विदेशी ताकत या बड़े आतंकवादी संगठन से उसके जुड़ाव का कोई सबूत नहीं मिला है।
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