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ट्रंप ने शक के आधार पर अटॉर्नी जनरल को हटाया
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में रूसी एजेंटों के साथ सांठ-गांठ का शक गहराने पर पर गुरुवार को अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन को पद से हटा दिया जिसके बाद ट्रंप पर अमेरिका को संवैधानिक संकट की ओर धकेलने का आरोप लगा है।
विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मुलेर की जांच में वर्ष 2016 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप के चुनाव अभियान में रूस के साथ सांठ-गांठ थी या नहीं? इसकी जांच को अमेरिकी राष्ट्रपति जान-बूझकर लटका रहे हैं।
ट्रंप लगातार लोगों को डरा रहे हैं कि उनके पास किसी को भी हटाने और नियुक्त करने की शक्ति है और गुरुवार को उन्होंने अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन को हटाकर अपने वफादार मैथ्यू व्हिटकर की नियुक्ति करके पहला संभावित कदम उठाया है।
अमेरिका के 2 बड़े अधिवक्ताओं नील कटयाल एवं जॉर्ज कॉन्वे ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' में लिखा है कि ट्रंप ने बिना सीनेट की अनुमति के व्हिटकर को नियुक्त करके कानून तोड़ा है तथा व्हिटकर की नियुक्ति असंवैधानिक है। यह गैरकानूनी है। इसका मतलब यह है कि व्हिटकर इस पद पर रहकर जो भी काम करने का प्रयास करेंगे, वह अवैध होगा।
ट्रंप ने मंगलवार को मध्यवर्ती चुनाव से सहयोग के नए युग का वादा किया था लेकिन इस पर संदेह है कि वे रूस की जांच को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं और पत्रकारों के साथ अपने मतभेदों को और उग्र बनाकर अमेरिका में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। (वार्ता)
