आर्टेमिस II मिशन सफल : 10 दिन बाद सुरक्षित लौटे 4 अंतरिक्ष यात्री, प्रशांत महासागर में सफल लैंडिंग
नासा का आर्टेमिस II मिशन इतिहास रचकर सफलतापूर्वक धरती पर लौट आया है। अंतरिक्ष में लगभग 10 दिनों के बाद, आर्टेमिस II कैप्सूल और उसके चार-सदस्यीय चालक दल ने प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से लैंडिंग की।
आर्टेमिस II मिशन के चार-सदस्यीय क्रू को ओरियन कैप्सूल से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। इस क्रू में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ-साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल थे।
सैन डिएगो तट से करीब 40-60 मील दूर प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन हुआ, जहां यूएस नेवी की रिकवरी टीम ने उन्हें तुरंत सहायता प्रदान की।
नासा के अनुसार, ओरियन स्पेसक्राफ्ट वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय 32 गुना ध्वनि की गति से आगे बढ़ा और हजारों डिग्री तापमान झेलने के बाद पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे 17 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पानी पर उतरा।
चांद पर देखा दुर्लभ सूर्य ग्रहण
मिशन के तहत पहली बार चांद के उस दूर के हिस्से को देखा, जिसे पृथ्वी से देखा ही नहीं जा सकता। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने कई नई तस्वीरें और जानकारी जुटाईं, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। चांद का चक्कर लगाने के दौरान जब अंतरिक्ष यान चांद के पीछे गया, तब करीब 40 मिनट तक धरती से संपर्क पूरी तरह टूट गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चांद ने रेडियो और लेजर सिग्नल को ब्लॉक कर दिया। इस दौरान चारों अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह अकेले रहे। यह अनुभव अपोलो मिशन जैसा ही था। इसी समय उन्होंने एक दुर्लभ पूरा सूर्य ग्रहण भी देखा, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता।
यह मिशन नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित करना और अंततः मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना है। आर्टेमिस III में चंद्रमा की सतह पर उतरने की योजना बनाई गई है।
edited by : Nrapendra Gupta
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