1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. artemis ii mission safe return splashdown pacific ocean news
Last Modified: वॉशिंगटन , शनिवार, 11 अप्रैल 2026 (07:58 IST)

आर्टेमिस II मिशन सफल : 10 दिन बाद सुरक्षित लौटे 4 अंतरिक्ष यात्री, प्रशांत महासागर में सफल लैंडिंग

Artemis II mission Orion spacecraft splashdown
नासा का आर्टेमिस II मिशन इतिहास रचकर सफलतापूर्वक धरती पर लौट आया है। अंतरिक्ष में लगभग 10 दिनों के बाद, आर्टेमिस II कैप्सूल और उसके चार-सदस्यीय चालक दल ने प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से लैंडिंग की। 
 
आर्टेमिस II मिशन के चार-सदस्यीय क्रू को ओरियन कैप्सूल से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। इस क्रू में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ-साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल थे।
 
सैन डिएगो तट से करीब 40-60 मील दूर प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन हुआ, जहां यूएस नेवी की रिकवरी टीम ने उन्हें तुरंत सहायता प्रदान की।
 
नासा के अनुसार, ओरियन स्पेसक्राफ्ट वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय 32 गुना ध्वनि की गति से आगे बढ़ा और हजारों डिग्री तापमान झेलने के बाद पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे 17 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पानी पर उतरा।

चांद पर देखा दुर्लभ सूर्य ग्रहण

मिशन के तहत पहली बार चांद के उस दूर के हिस्से को देखा, जिसे पृथ्वी से देखा ही नहीं जा सकता। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने कई नई तस्वीरें और जानकारी जुटाईं, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। चांद का चक्कर लगाने के दौरान जब अंतरिक्ष यान चांद के पीछे गया, तब करीब 40 मिनट तक धरती से संपर्क पूरी तरह टूट गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चांद ने रेडियो और लेजर सिग्नल को ब्लॉक कर दिया। इस दौरान चारों अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह अकेले रहे। यह अनुभव अपोलो मिशन जैसा ही था। इसी समय उन्होंने एक दुर्लभ पूरा सूर्य ग्रहण भी देखा, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता।
 
यह मिशन नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित करना और अंततः मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना है। आर्टेमिस III में चंद्रमा की सतह पर उतरने की योजना बनाई गई है।
edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
योगी सरकार में 1098 बनी बच्चों की ‘जीवन रेखा’: 26 हजार शिकायतों का समाधान, हजारों बच्चों को परिवार से मिलाया